बनकटा। ग्रामीण अंचल में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है, मगर उन्हें निखारने के लिए आवश्यक संसाधन और सुविधाएं उपलब्ध नहीं होने से खिलाड़ी आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं।
करीब ढाई लाख की आबादी वाले विकास खंड बनकटा में एक भी स्पोर्ट्स स्टेडियम का निर्माण नहीं हो सका है। इससे खेल प्रेमी युवाओं में निराशा है।
सरकार शिक्षा के साथ-साथ खेलों को बढ़ावा देने की बात करती है, मगर क्षेत्र में खेल के लिए मूलभूत सुविधाएं नहीं हैं। जिम्मेदार विभाग गांवों में नवयुवक मंगल दल का गठन कर सीमित खेल सामग्री वितरित कर अपने दायित्वों की पूर्ति मान लेता है। कई गांवों में गठित नवयुवक मंगल दलों को खेल सामग्री भी नहीं मिल पाती है।
खेलों में रुचि रखने वाले युवा अपने स्तर से संसाधन जुटाकर इंटर कॉलेजों के मैदानों अथवा ग्राम सभाओं की खाली जमीन पर प्रतियोगिताओं का आयोजन करते हैं। क्षेत्र में क्रिकेट टूर्नामेंट सबसे अधिक आयोजित होते हैं, जबकि कबड्डी, फुटबॉल और वॉलीबाल में भी युवाओं की विशेष रुचि है।
युवा कल्याण विभाग के बीओ संतोष यादव ने बताया कि कई बार इस संबंध में पत्राचार किया गया है, मगर मानक के अनुसार जमीन नहीं मिल पा रही है।