नोटबंदी के बाद लोगों की बढ़ी परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही। रविवार को बैंक अवकाश के चलते बंद थे तो जिले के एटीएम कैश के अभाव मे बंद रहे। जिसके चलते लोगों को पैसे के निकासी के लिए खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। सूत्रों की मानें तो शनिवार की देर रात बैंकों में 225 करोड रुपये पहुंच गए हैं। उम्मीद की जा रही है कि कैशलेस हो चुके बैंकों की वजह से आए दिन हो रहे बबाल पर जल्द ही लगाम लग जाएगा।
जिले में नोटबंदी के 40 दिन बाद भी हालात नहीं सुधरे हैं। अवकाश की वजह से आए दिन बैंकों के बंद होने और कैश की कमी से लोगों की दुश्वारियां बढ़ गई हैं। जिले में कानून व्यवस्था खराब हो रही है और आए दिन लोग बबाल कर रहे हैं। रविवार को कैश के अभाव में बाजार की गलियां सूनी रही। अवकाश के दिन भी बाजार गुलजार नहीं हो पाए। कैश के अभाव में जरूरी सामान लेने भी कम ही लोग बाजार पहुंचे। जिले में नोटबंदी के बाद कैश की कमी कम होने का नाम ही नहीं ले रही है। बड़ी बैंकों को छोड़ दिया जाय तो देहात इलाकों के बैकों में नोटबंदी के बाद से ही बैंक में कैश का अभाव बना हुआ है। यहीं नहीं अधिकतर एटीएम भी बंद चल रहे हैं। रोज की तरह रविवार की सुबह भी लोग एटीएम पर पहुंचे, लेकिन एटीएम बंद होने से वे निराश होकर खाली हाथ वापस लौट गए। कोतवाली रोड पर एचडीएफसी बैंक के एटीएम पर कैश निकला। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, बैंक आफ बडौदा, पीएनबी, ऐक्सिस बैंक, इलाहाबाद बैंक, सेंट्रल बैंक आदि बैंकों के एटीएम पर ताले लटकते रहे। शहर से लेकर गांव तक आलम एक सा ही दिख रहा है। अग्रणी बैंक प्रबंधक बीएस मीणा ने कहा कि जिले के लिए पर्याप्त रकम आ गया है। अवकाश होने के चलते चेस्ट बंद थे। सोमवार से सभी बैंकों को कैश भेज दिया जाएगा। अधिकांश एटीएम भी दो दिन मे चालू हो जाएंगे।