ससंवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। तीन करोड़ 75 लाख रुपये के धोखाधड़ी के मामले में फरार तीन आरोपियों के खिलाफ मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट ने बुधवार को गैर जमानती वारंट जारी किया है। आरोपी केस दर्ज होने के बाद से करीब छह माह से फरार चल रहे हैं। पुलिस के दबिश देने पर चकमा देकर भाग निकल रहे हैं।
बता दें कि लार क्षेत्र के बरडीहा दलपत निवासी अमरेश प्रताप सिंह ने दिसंबर 24 में कोतवाली में रामगुलाम टोला मोहल्ला निवासी अजय तिवारी व अन्य दो लोगों पर केस दर्ज कराया था।
आरोप था कि उनकी लाइसेंसी अंग्रेजी शराब की दुकान 2020 से भाटपार रानी तहसील के फुलवरिया चौराहा पर है। दुकान पर महुआनी रोड स्थित रीना केडिया के गोदाम से शराब आती थी। फर्म के मैनेजर अजय तिवारी से गोदाम पर आने पर बात होती थी। उसे दुकान फायदे में न होने और नवीनीकरण कराने में असमंजस्य की बात बताई।
अजय ने नवीनीकरण कराकर व्यवस्थापन देखने और इसके बदले 10 हजार रुपये प्रतिमाह देने की बात की बात कही। अन्य दो आरोपी रामचंद्र यादव, रमेश यादव से मिलवाया और कहा कि सारा काम उसके निर्देश पर यही लोग देखा करेंगे। बिक्री का पैसा लाना और गोदाम को पेमेंट करना इनका काम रहेगा।
अप्रैल 2023 के अंत में रीना केडिया के फर्म से फोन आया कि दुकान पर एक करोड़, 14 लाख 30 हजार पांच सौ उन्नीस रुपये बकाया है।
मुनीब रामचंद्र ने बताया कि अजय तिवारी ने गोदाम पर काफी बकाया लगाया है। अजय तिवारी का मोबाइल बंद मिला।।
इसी तरह सलेमपुर के वार्ड नंबर नौ की सीमा सिंह पत्नी अमरेश सिंह की तहरीर पर भी अजय तिवारी, उनकी पत्नी जागृति चौधरी सहित चार लोगाें पर केस दर्ज किया गया है। इसमें दो करोड़, 61 लाख छत्तीस हजार आठ सौ अठाइस रुपये के धोखाधड़ी का आरोप है।