रुद्रपुर नगर के खेल मैदान की दयनीय स्थितिफोटो संवाद
रुद्रपुर। जिले की सबसे पुरानी नगर पंचायतों में शुमार रुद्रपुर में खेल सुविधा के नाम पर कुछ विद्यालयों के मैदान हैं जो साल के पांच माह बारिश के पानी से भरे रहते हैं। पैरा ओलंपिक में देश को अंतरराष्ट्रीय स्तर का खिलाड़ी देने वाला यह कस्बा एक मिनी स्टेडियम के लिए तरस रहा है। संसाधनों के अभाव में तमाम अच्छे खिलाड़ी आगे बढ़ने से पहले ही खेलना छोड़ देते हैं।
वर्ष 1986 में जापान में हुए पैरा ओलंपिक में भारत के लिए तैराकी और गोल क्षेपण में पदक हासिल करने वाले राजबली रुद्रपुर क्षेत्र के निवासी हैं। इसके अलावा बैडमिंटन, वॉलीबॉल और रिले रेस की प्रतियोगिता में इस क्षेत्र के कई खिलाड़ियों ने प्रदेश और राष्ट्र स्तर पर पहचान बनाई लेकिन राष्ट्रव्यापी खेलो इंडिया अभियान का रुद्रपुर में असर कम ही दिख रहा है। यहां गांव से लेकर शहर तक खेल का कोई ऐसा मैदान नहीं है, जिसमें वर्ष भर खिलाड़ी अभ्यास कर सकें।
बैडमिंटन के खिलाड़ी आशीष रस्तोगी ने कहा कि रुद्रपुर क्षेत्र में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है। यहां के खिलाड़ी कई अच्छी प्रतियोगिताएं जीतकर लौटे हैं लेकिन बैडमिंटन का कोई इनडोर स्टेडियम नहीं होने के कारण खिलाड़ियों को प्रैक्टिस करने का मौका नहीं मिलता है। यहां एक मिनी इनडोर स्टेडियम की सख्त जरूरत है।
किशन वर्मा ने कहा कि रुद्रपुर में करीब 15 वर्षों से मिनी स्टेडियम की मांग चल रही है।