रोडवेज में अब नहीं होगा निजी बसों का अनुबंध।
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परिवहन निगम में अब निजी बसों का अनुबंध नहीं हो सकेगा। यात्रियों के लिए निगम की बसों की संख्या बढ़ाई जाएगी। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के प्रबंधक निदेशक ने इस आशय का पत्र जारी कर दिया है। देवरिया डिपो को पांच से सात नई बसें मिलने वाली हैं।
सरकारी बसों की संख्या कम होने की वजह से यात्रियों को दिक्कत होती थी। यात्री बस में खड़े होकर सफर करते थे या तो दूसरे साधन का उपयोग करते थे। निगम नई बसों की खरीदारी नहीं कर रहा था, इसलिए निजी बसों का अनुबंध किया जा रहा था। गोरखपुर क्षेत्र के देवरिया डिपो में इस समय 98 अनुबंधित बसें संचालित हो रही हैं। ये बसें गोरखपुर, सिद्धार्थनगर, पडरौना, सलेमपुर, लार, बरहज, रुद्रपुर, बड़हलगंज, बलिया आदि जगहों के लिए चलती हैं। इससे रोडवेज की बसों पर यात्रियों का बोझ कम होता है।
परंतु अनुबंधित बसों में यात्री सुविधाओं की अनदेेखी की जा रही है। तमाम बसों में तो सीटों के बीच की दूरी इतनी कम है कि यात्री ठीक से बैठ भी नहीं पाते हैं। तमाम यात्रियों ने अनुबंधित बसों में यात्रा के दौरान होने वाली दिक्कतों से संबंधित शिकायत प्रबंधक निदेशक से की थी। सभी डिपो से अनुबंधित बसों के संबंध में मिल रही शिकायतों को जिम्मेदारों ने गंभीरता से लिया। परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक के. रवींद्र नायक ने आदेश जारी किया है कि अब निजी बसों का अनुबंध नहीं किया जाएगा। जिन बसों के अनुबंध की अवधि समाप्त होगी, उसका नवीनीकरण भी नहीं होगा। यात्रियों को कोई दिक्कत न हो इसके लिए रोडवेज खुद बस खरीदेगा। प्रदेश में 17 सौ से अधिक बसें खरीदी जाएंगी। इसमें से देवरिया डिपो के हिस्से में पांच से सात बसें आएंगी।