सड़क हादसे रोकने को स्पीड प्लान पर फोकस नहीं
देवरिया। सड़क हादसे रोकने को स्पॉट और स्पीड प्लान पर पुलिस का फोकस नहीं हैं। दिसंबर से फरवरी तक कोहरे में अधिक हादसे होते हैं। ब्लैक स्पॉट और स्पीड रोकने के लिए पुलिस ने कोई प्लान तैयार नहीं किया हैं। कोहरे में वाहनों की तेजगति के कारण सबसे अधिक जान लोगों की जाती हैं। इसकी गवाही आंकड़े दें रहे हैं। चिह्नित किए 11 ब्लैक स्पॉट पर न तो कोई संकेतक लगाया गया और न ही ब्रेकर। कुछ जगहों पर डिवाइडर भी है। तीव्र मोड़ को भी सीधे हाईवे से जोड़ा गया है।
सड़क हादसों के आधार पर यातायात विभाग ब्लैक स्पॉट चिह्नित करता है। जिले में 11 स्थान ब्लैक स्पॉट के रूप में चिह्नित हैं। इस साल ब्लैक स्पॉट पर 55 से अधिक लोगों ने सड़क हादसों में जान गंवाई। 25 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए। यह आंकड़ा पिछले साल से अधिक है। गोरखपुर से सलेमपुर जाने वाले मार्ग पर सर्वाधिक ब्लॅक स्पॉट हैं। देवरिया-कसया मार्ग पर दो ब्लैक स्पॉट हैं। रामपुर कारखाना थानाक्षेत्र में पड़ने वाले नेशनल हाईवे के हिस्से पर भी एक ब्लैक स्पॉट चिह्नित है। हालांकि यहां होने वाली दुर्घटना में घायल होने वालों को कुशीनगर जिले के कसया या हाटा ले जाया जाता है। देवरिया से जाने वाली सड़क भी नेशनल हाईवे में सीधे मिल जाती है। हादसा इन्हीं जगहों पर अधिक होते हैं। इसके अलावा प्रमुख सड़कों में पड़ने वाले तीव्र मोड़ पर संकेतक नहीं लगाए गए हैं। इससे वाहन चालक नियंत्रण खो देते हैं और हादसा हो जाता है। गांवों से निकलने वाली सड़क पर ब्रेकर नहीं बनने से लोग तेज गति से मुख्य सड़क पर मिलते हैं। इससे भी हादसे का खतरा बना रहता है। सीओ यातायात निष्ठा उपाध्याय ने बताया कि पुलिस, परिवहन और पीडब्ल्यूडी के जिम्मेदार लोग संयुक्त रूप से ब्लैक स्पॉट चिह्नित करते हैं। चिह्नित जगहों पर सुरक्षा के लिए संकेतक और ब्रेकर या सुरक्षा के अन्य उपाय लगाए जाएंगे। मामला प्रक्रिया में चल रहा है। जल्द ही सबकुछ ठीक हो जाएगा।
ये हैं चिह्नित ब्लैक स्पॉट
गौरीबाजार थानाक्षेत्र में खरोह चौराहा, रामपुर, सिरजम, बैतालपुर, सदर कोतवाली क्षेत्र में अंवराचौरी, पुरवां से लेकर गोरखपुर ओवरब्रिज तक, रघवापुर, सलेमपुर का नवलपुर, खुखुंदू का बहादुरपुर, तरकुलवा का कोंहवलिया मोड़ और रामपुर कारखाना थानाक्षेत्र के नेशनल हाईवे 28 पर स्थित हेतिमपुर का इलाका।
ओवरलोड वाहनों पर नहीं हो रही कार्रवाई
ओवरलोड वाहनों पर नहीं हो रही कार्रवाई, शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों पर अंकुश नहीं, सीट बेल्ट न लगाने एवं गलत साइड में चलने वालों पर नहीं होती कार्रवाई, दो पहिया पर तीन, चार सवारी का नहीं होता चालान, कोहरे में बचाव के लिए वाहनों के पीछे लाइट व रिफ्लेक्टर नहीं होता चेक, सड़क के किनारे खड़े रहते है भारी वाहन, स्पीड नियंत्रक के लिए नहीं लगाएं गए है कहीं साइन बोर्ड।