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Deoria News: मेडिकल काॅलेज से हर साल पढ़कर निकलेंगी 60 नर्सिंग ग्रेजुएट

Fri, 15 Aug 2025 12:10 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
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मेडिकल कॉलेज में 10 करोड़ की लागत से हो रहा नर्सिंग काॅलेज का निर्माण
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- दो ब्लॉक में होगा निर्माण, एक एकेडमिक और दूसरा हास्टल ब्लॉक बनेगा
- नर्सिंग में बीएससी की होगी पढ़ाई, जिले के छात्रों को होगी सहूलियत


संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। मेडिकल कॉलेज परिसर में करीब दस करोड़ रुपये की लागत से नर्सिंग कॉलेज का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। अब तक करीब दस प्रतिशत कार्य हो सका है। निर्माण कार्य के करीब एक साल में पूरा होने की उम्मीद है। इसके बन जाने से जिले में नर्सिंग बीएससी की पढ़ाई की सुविधा मिलेगी। इस कालेज से हर साल 60 ग्रेजुएट नर्सिंग निकलेंगे, जिससे नर्सों के कमी दूर हो सकेगी।
जिले के छात्रों को नर्सिंग की पढ़ाई के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा।
शासन की ओर से मेडिकल कॉलेज परिसर में नर्सिंग कॉलेज स्थापित करने की योजना बनाई गई थी। इसके लिए वर्ष 2023-24 में परियोजना को हरी झंडी दी गई। इसके बाद परियोजना को अमलीजामा पहनाने की दिशा में कार्य शुरू हुआ। इसके तहत निर्माण की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था सी एंड डीएस जलनिगम गोरखपुर को सौंपी गई है। कॉलेज का दो ब्लाक होगा। इसमें एक एकेडेमिक होगा, जबकि हास्टल ब्लाक अलग होगा। माह फरवरी में निर्माण कार्य शुरू हो गया है। पहले हास्टल ब्लाक का कार्य चल रहा है। ग्राउंड फ्लोर की नींव, कालम, चुनाई का लगभग पूरा हो गया है। अब छत ढालने का कार्य होगा। इसके बाद आगे का निर्माण होगा, जबकि पुराने भवन के ध्वस्तीकरण न होने और मलबा रखा होने से एकेडेमिक ब्लाक का कार्य शुरू नहीं हो सका है। निर्माण पूरा करने के लिए जून 2026 का समय निर्धारित किया गया है, लेकिन भूमि न मिलने से और समय लग सकता है। इसके बन जाने से पढ़ाई पूरी कर नर्सें निकलेंगी, जिससे मरीजों के इलाज में आसानी होगी।
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4300 वर्ग मीटर में होना है निर्माण
देवरिया। नर्सिंग कॉलेज का निर्माण करीब 4300 वर्ग मीटर में होगा। इसके लिए ब्लड बैंक के सामने 83x53 मीटर भूमि चिह्नित की गई थी। इस स्थान पर टीबी क्लीनिक के अलावा अन्य विभाग थे। इसमें टीबी क्लीनिक का भवन ध्वस्त कर दिया गया। इसे और खाली जमीन को लेकर निर्माण कार्य शुरू किया गया है, जबकि करीब 25x53 मीटर भूमि की जरूरत है। कुछ हिस्से में भवन तो कुछ खाली जगह पर मलबा रखा है, जिससे हटाने के बाद निर्माण कार्य में तेजी आएगी।
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दो फ्लोर का होगा एकेडमिक ब्लाक
देवरिया। नर्सिंग कॉलेज का एकेडमिक ब्लाक करीब दो मंजिल का होगा। इसमें ग्राउंड फ्लोर 787.90 वर्ग मीटर में होगा। यहां प्रधानाचार्य कक्ष, कार्यालय, दो लेक्चर हाल, वेटिंग एरिया, कारिडोर, टायलेट होगा, जबकि फर्स्ट फ्लोर 745.80 वर्ग मीटर में होगा। यहां दो लेक्चर हाल, कामन रुम, कंप्यूटर रुम, लैब, वेटिंग एरिया, टायलेट, दो सीढ़ी होगी।

चार मंजिल का होगा हास्टल
देवरिया। नर्सिंग कॉलेज में छात्रों का हास्टल चार मंजिल का होगा। ग्राउंड फ्लोर पर किचेन, डायनिंग हाल, वार्डेन रुम, दो सीढ़ी, टायलेट, लिलेटिव रुम, स्टोर रुम, दस कमरे होंगे। फर्स्ट फ्लोर पर कामन रुम, बीस कमरे, दो सीढ़ी, टायलेट, सेकेंड और थर्ड फ्लोर बीस-बीस कमरे, टायलेट व दो-दो सीढ़ी होगी।
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इनसेट
जिले में नर्सों की है जरूरत
देवरिया। जिले के 35 लाख की आबादी में प्रशिक्षित नर्सों की जरूरत है। मेडिकल कॉलेज व सीएचसी, पीएचसी में प्रशिक्षित नर्सों की आवश्यकता है। सरकारी अस्पताल में पद के सापेक्ष 38 की कमी है। इसके अलावा निजी अस्पतालों में भी स्टाफ नर्स की कमी है। नर्सिंग कॉलेज शुरु होने के बाद कमी के धीरे-धीरे दूर होने की उम्मीद है।
जिले में मेडिकल कॉलेज और स्वास्थ्य विभाग में जरूरत के मुताबिक ट्रेंड स्टाफ नर्स नहीं मिली हैं। जिले के पीएचसी व सीएचसी पर मानक के अनुसार स्टाफ नर्स नहीं है। स्वास्थ्य विभाग में स्थाई 49 पद है, लेकिन 38 की तैनाती है, जबकि एनएचएम में करीब 250 पद है। इसके सापेक्ष 212 की तैनाती हो सकी है। मेडिकल कॉलेज में करीब 273 पद है। इसमें 44 स्थाई व 56 आउट सोर्सिंग की स्टाफ नर्स हैं। अभी ट्रामा, क्रिटिकल केयर यूनिट व नया अस्पताल का निर्माण होने पर स्टाफ नर्स की जरूरत होगी। निजी अस्पतालों में प्रशिक्षित स्टाफ नर्स की कमी है। नर्सिंग कॉलेज शुरू होने के बाद चार साल की पढ़ाई पूरी करने के बाद ट्रेंड स्टाफ मिलने लगेंगी। इसके बाद समस्या के समाधान की उम्मीद है।
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कोट
- नर्सिंग काॅलेज का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। निर्माण कार्य एक साल में पूरा होना। इसके लिए कार्यदायी संस्था को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके शुरू होने से जिले के युवकों को कोर्स करने में आसानी होगी। आने वाले दिनों में ट्रेंड स्टाफ नर्स मिलने लगेंगी।

डॉ. राजेश कुमार बरनवाल, प्रधानाचार्य
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