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Deoria News: छठ के बाद अपनी बहन के पास गुजरात जाने वाला था निहाल

Sun, 24 Nov 2024 04:29 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
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देवरिया/पैकौली। निहाल छठ पर्व के बाद अहमदाबाद गुजरात जाने वाला था। उसने जाने की लगभग सारी तैयारी पूरी कर ली थी। इसकी जानकारी उसने अपने दोस्तों को भी दे दी थी। वह अहमदाबाद में नौकरी कर रही अपनी बहन के माध्यम से एक कंपनी में इंटरव्यू देने वाला था। इसी बीच अपराधियों ने उसकी योजना बनाकर हत्या कर दी। इस बात को याद कर उसकी मां की आंखें डबडबा गईं।
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मदनपुर थाना क्षेत्र के समोगर निवासी विश्वजीत सिंह व गायत्री सिंह के इकलौते पुत्र निहाल सिंह ने वर्ष 2020 में जमशेदपुर से पॉलिटेक्निक की परीक्षा पास की। इसके बाद उसने भुवनेश्वर के बीआइटी कॉलेज से बीटेक किया।उसकी मां गायत्री सिंह ने बताया कि मेरी बेटी नेहा सिंह गुजरात में ही सजुकी की मेंडा कंपनी में जॉब करती है। यह कंपनी टॉयर का एसेंबल तैयार करती है। नेहा ने अपनी कंपनी के साथ अन्य कंपनी में भी बात करके रखी थी। दीपावली व छठ पर्व को नजदीक उसे पर्व के बाद जाने की बात कही गई। इसके बाद निहाल ने छठ बाद जाने का फैसला किया।
पोते की हत्या को तीन साल हो गए, एक बार भी कचहरी का नहीं देखा मुंह
देवरिया/पैकौली। सदर कोतवाली क्षेत्र के रामनाथ देवरिया निवासी 11वीं के छात्र आदित्य मणि उर्फ छोटू की 14 अक्तूबर 2021 को सीसी रोड स्थित स्टेट बैंक के पास हत्या कर दी गई थी। मृतक के भाई सुबोध मणि की तहरीर पर मोहल्ले के भंटू चौरसिया, रामनाथ देवरिया मोहल्ले की सभासद पति प्रभाकर शाही, शुभम उर्फ निहाल प्रताप सिंह, आयुष श्रीवास्तव, रोहित सिंह और पांच अज्ञात लोगों पर मुकदमा दर्ज कराया गया था। मामले में शुभम उर्फ निहाल सिंह को चीनी मिल के ग्राउंड के पास से गिरफ्तार जेल भेज दिया गया। उधर बेटे आदित्य की हत्या के बाद उसके पिता आशुतोष की तबीयत बिगड़ गई थी। वह बीमार रहने लगे। कुछ दिन बाद उनकी भी इलाज के दौरान मौत हो गई थी। घर पर उसकी मां मनोरमा देवी, पीसीएस की तैयारी कर रहा बड़ा भाई सुबोध मणि व बाबा राम प्रताप मणि ही थे। पोता के बाद बेटे को खोने के बाद राम प्रताप मणि तो एकदम असहज हो गए। शनिवार को बातचीत में उन्होंने बताया कि बेटा व पोता खोने के बाद उन्होंने आज तक कचहरी में पैर तक नहीं रखा है। पोता के हत्यारोपियों की कौन कहे मैं गवाहों तक नाम नहीं जानता हूं। आदित्य का बड़ा भाई अपनी तैयारी कर रहा है। उधर बेटे के साथ पति को खो देने का गम सह चुकी आदित्य की मां के पास भी इतनी हिम्मत नहीं है। पुलिस मुठभेड़ में घायल निहाल हत्याकांड के आरोपियों व आदित्य मणि हत्याकांड के गवाहों के बयान पर कहा कि उससे उनका व उनके परिवार का कोई लेनादेना नहीं है। आरोपी मामले को दूसरी तरफ मोड़ने के लिए निहाल हत्याकांड को आदित्य हत्याकांड से जोड़ रहे हैं।
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