देवरिया। नए साल में शहर के लिए उम्मीदों भरा होगा। लोगों को जाम से लेकर जलभराव से राहत मिलने वाली है। इससे जुड़ी परियोजनाएं अंतिम दौर में हैं। वहीं लोगों की जान बचाने में अगले साल शुरू होने जा रहे ट्रामा सेंटर मददगार होगा। राजकीय पॉलिटेक्निक परिसर में बन रहे नए भवन से पढ़ाई में सहूलियत होगी। वहीं मालगोदाम के भी अहिल्यापुर शिफ्ट होने की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है। इन परियोजनाओं के अस्तित्व में आने से देवरियावासियों की जिंदगी आसान हो जाएगी।
हनुमान मंदिर से कुर्ना नाला तक बन रहा नाला
शहर में करीब 41 करोड़ रुपये की लागत से जलनिकासी की परियोजना को अमली जामा पहनाया जा रहा है। इसका निर्माण करीब तीन साल पहले खोराराम रोड पर कुर्ना नाला से शुरू हुआ था। काम जनवरी 2024 में पूरा होना था, यह परियोजना दो साल देर से पूरी होने जा रही है। अब इसका निर्माण अंतिम चरण में है। निर्माण हनुमान मंदिर तक पहुंचने वाला है। इसके जनवरी 2026 तक पूरा हो जाने की उम्मीद है। कार्यदायी संस्था दिनरात कार्य करा रही है। नाला बन जाने से बारिश में शहर के आधे हिस्से में जलभराव की समस्या समाप्त हो जाएगी।
कसया ढाला पर जल्द शुरू हो जाएगा अंडरपास का निर्माण
शहर में कसया ढाला पर दिनभर लगने वाला जाम शहरियों के लिए नासूर की तरह है। हजारों लोग हर रोज ढाला क्रॉस करने के दौरान जाम से जूझते रहते हैं। इस समस्या से निजात दिलाने के लिए सदर सांसद शशांक मणि त्रिपाठी ने प्रयास किए। इसके चलते इस पर 22 करोड़ रुपये की लागत से अंडरपास की मंजूरी मिली। इसका टेंडर भी हो गया है। कुछ अड़चनें हैं। इसका निस्तारण होने के बाद कार्य शुरू हो जाएगा। इससे अगले साल शहर को जाम से मुक्ति मिली जाएगी।
मेडिकल कॉलेज को मिलेगा ट्रामा सेंटर
जिले में हर दिन मार्ग दुर्घटना में औसतन दो व्यक्ति घायल होते हैं। इसके अलावा हार्ट अटैक, जलने और फूड प्वॉइजनिंग आदि के मामले भी आते हैं। अभी गंभीर मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर भेज दिया जाता है। इस प्रकार के मरीजों का जिले में इलाज हो, इसके लिए महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज परिसर में ट्रामा सेंटर निर्माणाधीन है। करीब दो साल से बन रहे ट्रामा सेंटर के जुलाई 2026 तक पूरा हो जाने की उम्मीद है। इसके निर्माण में करीब 24.68 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। ट्रामा सेंटर में दुर्घटना में घायल रोगियों के लिए 30 बेड, आग से जले हुए रोगियों के लिए 20 बेड और फूड प्वॉइजनिंग के शिकार रोगियों के लिए 20 बेड का टॉक्सिकोलॉजी वार्ड बनाया जा रहा है। इसमें एक्सरे, सीटी स्कैन, इसीजी आदि की सुविधा होगी।
पॉलीटेक्निक का नया भवन भी अगले साल हो जाएगा तैयार
राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज में एक बहुमंजिला भवन तैयार हो रहा है। आईसीटी के मानक के अनुसार बन रहे इस भवन में कई सुविधाएं हैं। करीब 250 लोगों के बैठने की क्षमता वाला एक मल्टीपरपज हाल है। इसके अलावा एक लाइब्रेरी भी है। एक अत्याधुनिक कंप्यूटर सेंटर है। इसके अलावा कुछ विभागों के एचओडी के बैठने के लिए अलग से केबिन तैयार किया गया है। साथ ही एक आधुनिक कैंटीन है, जिसमें छात्र-छात्राओं के अलावा शिक्षक भी भोजन और नाश्ते की सुविधा का लाभ ले सकेंगे। साथ ही इसके पीछे एक गार्ड रूम भी तैयार किया जा रहा है। जिसमें बैठा गार्ड परिसर में आने-जाने वाले हर व्यक्ति पर नजर रख सकेगा। इसको नवंबर तक तैयार जाना था, लेकिन अब पॉलिटेक्निक को इसकी सुविधाओं का लाभ फरवरी से मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
मालगोदाम को शिफ्ट करने की शुरू हो सकती है प्रक्रिया
कसया ढाला पर जाम में सबसे प्रमुख कारण इसके बगल में स्थित मालगोदाम है। यहां आने वाले माल के उतारने और गंतव्य तक पहुंचाने के लिए पूरे दिन ट्रकों की आवाजाही लगी रहती है। इसके चलते कई बार दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं। अब सदर सांसद शशांक मणि त्रिपाठी के प्रयास से इस मालगोदाम को अहिल्यापुर रेलवे स्टेशन के पास शिफ्ट करने का प्रस्ताव है। अहिल्यापुर स्टेशन पर कुछ कार्य भी शुरू हो चुका है। अंडरपास बनने के बाद मालगोदाम यहां से शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।