संवाद न्यूज एजेंसी
भागलपुर। पहाड़ों पर हो रही बारिश और नेपाल से पानी छोड़ने की वजह से सरयू नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है। रविवार को नदी 24 घंटे में 40 सेंटीमीटर की बढ़ोत्तरी कर खतरे के निशान के करीब पहुंचने लगी है। देर रात तक नदी के खतरे के निशान को पार करने की आशंका है। नदी का जलस्तर प्रति घंटे दो सेंटीमीटर की रफ्तार से बढ़ रहा है। यह देख तटवर्ती इलाकों में बसे ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है।
केंद्रीय जल आयोग तुर्तीपार के अनुसार, नदी शुक्रवार शाम से दो सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रही है। नदी का पानी रविवार की शाम चार बजे तुर्तीपार हेड पर 62.54 मीटर पर पहुंच गया है, जो खतरे के निशान 64.10 मीटर से करीब 1.56 मीटर नीचे है।
केंद्रीय जल आयोग तुर्तीपार के जेई प्रकाश ओझा ने बताया कि पहाड़ों पर हो रही बारिश और नेपाल के बैराजों से पानी छोड़े जाने के चलते नदी के जलस्तर में वृद्धि हो रही है। निगरानी रखी जा रही है। बरहज संवाद के अनुसार, सरयू नदी का पानी थाना घाट पर बने मीटर गेज से कुछ दूरी से होकर बहने लगा है। सरयू के जलस्तर में पिछले दो दिनों से हो रही वृद्धि से राप्ती भी उफान पर है। नदी के जलस्तर में हो रहे उतार-चढ़ाव से लोग डरे-सहमे हुए हैं।
रविवार को दोनों नदियों के जलस्तर में 10-10 सेमी का इजाफा दर्ज किया गया है। एसडीएम विपिन कुमार द्विवेदी ने बताया कि बाढ़ की आशंका पर संबंधितों को अलर्ट कर दिया गया है। बाढ़ चौकियाें पर निगरानी बढ़ा दी गई है।
सरयू और राप्ती नदी के जलस्तर में 15 दिन से उतार-चढ़ाव हो रहा है। सरयू का पानी खेतों की तरफ बढ़ने लगा है। इससे भदिला प्रथम, सरयू पार परसियां-विशुनपुर देवार के अलावा नौकाटोला, बेलडांड़, कटइलवा, कुवाईच टोला सहित अन्य तटवर्ती गांवों के लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
सरयू पार के संजय यादव, शंकर प्रसाद, रमाशंकर यादव, छोटेलाल, ओमप्रकाश यादव, अशोक कुमार आदि का कहना है कि नदी में उमड़ रहे सैलाब के बीच जान जोखिम में डालकर नाव से यात्रा करना पड़ रही है।