कूर्ना नाले के पास अतिक्रमण का खामियाजा भुगत रहे शहरवासी
मास्टर प्लान की अनदेखी कर लोगों ने बना लिया मकान
देवरिया। शहर में मास्टर प्लान सिर्फ नाम का रह गया है। जिसे जहां मर्जी, वहीं भवन निर्माण करा रहा है। नियत प्राधिकारी की खामोशी से बाढ़ प्रभावित एरिया में भी कॉलोनियां विकसित हो गई हैं। आलम यह है कि अलीनगर व शहीद नगर में लोगों ने कूर्ना में घर बना लिया है, जिसका खामियाजा पूरे शहर को जल भराव के रूप में भुगतना पड़ रहा है।
शहर के मास्टर प्लान में कूर्ना किनारे करीब सौ मीटर का एरिया बाढ़ प्रभावित है। यहां भवन निर्माण निषेध होने के बावजूद लोग घर बनाते जा रहे हैं। यह निर्माण मास्टर प्लान लागू होने के बाद हुए हैं। कई भवन कूर्ना के मध्य में बने हैं। नियत प्राधिकारी कार्यालय के अधिकारी कर्मचारियों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में लगातार हो रहे निर्माण की भनक तक नहीं लगी। आज यहां सौ से अधिक मकान बन चुके हैं। कई भवनों का निर्माण कूर्ना के मध्य में हो गया है। बरसात शुरू होते ही हर साल यहां के लोगों को पलायन करना पड़ता है। कूर्ना नाले का दायरा सिकुड़ने के चलते बरसात के पानी की निकासी नहीं हो पा रही। जोरदार बारिश के बाद कूर्ना में मिलने वाले नाले उफान पर आ जाते हैं। गली, मोहल्लों से लेकर सरकारी दफ्तरों में जलभराव हो जाता है। आर्य नगर, बाबू बभनी, पिडऱा, रामगुलाम टोला पूर्वी समेत शहर के कई मोहल्ले वासियों को बारिश थमने के बाद भी जलभराव का दंश झेलना पड़ता है।
सड़क पर खड़ी कर दी दिवार
राघवनगर मोहल्ले में डीएम आवास के पीछे एवं हाइड्रील कालोनी से सटे कुछ लोगों ने देवरिया क्लब की तरफ से होकर हनुमान मंदिर जाने वाले रोड पर दिवार खड़ी कर दी। मोहल्ले के लोगों की शिकायत पर मास्टक प्लान के अधिकारी पहुंचे, लेकिन देखकर लौट गए। उधर मोहल्ले वालों ने इस पर विरोध जताया है। जिस गली को बंद किया गया है, वहां दो पूर्व मंत्रियों का आवास भी है। एक पूर्व मंत्री ने प्रशासनिक अधिकारियों को फोन कर कड़ी आपत्ति जताई है।
तहसीलदार की मौजूदगी में कूर्ना नाले की पैमाइश कराई गई है। आरबीओ ने अतिक्रमण वाले भवनों को चिह्नित किया है। कुछ अतिक्रमण हटवाए गए हैं। पानी कम होने के बाद बाकी अतिक्रमण भी हटा दिए जाएंगे।
- दिनेश मिश्र, एसडीएम सदर।