आध्यात्मिक चेतना का केंद्र बना नर्मदेश्वर महादेव मंदिर
बघौचघाट। नर्मदेश्वर महादेव मंदिर अध्यात्म का केंद्र बन गया है। मंदिर में देश के कोने-कोने से लोग दर्शन पूजन करने आ रहे हैं। सावन में प्रतिदिन जलाभिषेक के लिए भीड़ उमड़ रही हैं। सावन के सोमवार को तो श्रद्धालुओं की लंबी कतार देखने को मिल रही है। सावन के अंतिम सोमवार को 1001 रुद्राभिषेक होने हैं।
क्षेत्र के मेदीपट्टी खुदवा गांव स्थित नर्मदेश्वर मंदिर का लोकार्पण 2019 में शिवरात्रि के दिन प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया था। तभी से यह शिव मंदिर लोगों की आस्था का केंद्र बना हुआ है।
यह गांव अब पर्यटन का भी केंद्र बन गया है। सावन के अंतिम सोमवार को मंदिर में विशेष पूजन व प्रसाद का आयोजन किया गया है। मंदिर में सोमवार को दर्शन के लिए एक दिन पहले ही झारखंड व बिहार के बहुत से श्रद्धालु जल लेकर पहुंच गए है, जो सोमवार को जलाभिषेक करेंगे। मंदिर के अध्यक्ष सुरेंद्र लाल श्रीवास्तव ने बताया कि सभी श्रद्धालुओं के लिए रहने खाने के लिए मंदिर के गेस्ट हाउस में व्यवस्था की गई है। वहीं सोमवार को मंदिर में विशेष पूजन व प्रसाद की व्यवस्था की गई हैं। नर्मदेश्वर महादेव मंदिर में रात्रि पूजन व आरती का विशेष महत्व है। यहां शाम को मंदिर में भीड़ होती है।
पुजारी राजू मिश्र ने बताया कि मंदिर में सोमवार को 1001 रुद्राभिषेक एक साथ कराए जाएंगे। थाना प्रभारी उपेंद्र मिश्र ने बताया कि मंदिर में सोमवार को भीड़ होने के चलते पुलिस टीम तैनात की गई है। मंदिर में दो उप निरीक्षक व महिला पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है
नवनिर्मित मंदिर में हुई प्राणप्रतिष्ठा
पड़री बाजार। सलेमपुर ब्लॉक के पुरैनी मिश्र गांव के नवनिर्मित मंदिर में रविवार को आचार्य सुबाष दूबे ने विधि-विधान से भगवान शिव की मूर्ति में प्राण प्रतिष्ठा कराई। महिलाओं ने मंगल गीत गाया। श्रद्धालुओं के जयकारे से क्षेत्र भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं ने मंदिर में पूजा-पाठ किया। इस दौरान उमाशंकर मिश्र, अशोक मिश्र, पवन उपाध्याय, अरविंद उपाध्याय, प्रेमनारायण गोंड, रामअवध शिवप्रसाद आदि मौजूद रहे।