संवाद न्यूज एजेंसी
सलेमपुर। नौशाद का पोस्टमार्टम के बाद सोमवार की देर शाम शव गांव लगाया गया। परिजनों ने देर रात को मिट्टी की रस्म पूरी कर दी। उनमेंं बहू रजिया सुल्तान की करतूत से आक्रोश है।
मंगलवार को सौ वर्षीय बुजुर्ग पिता अली अहमद परिवार के सदस्यों के साथ घर पर गुमसुम बैठे थे। आपस में चर्चा हो रही थी कि काश नौशाद परिवार के सदस्यों की बात मान लेता तो शायद ये दिन देखने को नहीं मिलता।
उन्होंने कहा कि नौशाद पत्नी रजिया की करतूत को जानने के बावजूद उस पर अटूट भरोसा करता था। इसी भारोसे को तोड़ते हुए की रजिया ने प्रेमी रोमान (ननद के बेटे यानी भांजे) और उसके दोस्त हिमांशु के साथ मिलकर शनिवार की रात कत्ल कर शव को ट्रॉली बैग में पैक कर प्रेमी से दूर फेंकवा दिया।
बातचीत में परिवार की महिलाओं ने एक स्वर से कहा कि नौशाद की हत्या में शामिल सभी आरोपियों का एनकाउंटर होना चाहिए, तब जाकर परिवार के लोगों को तसल्ली मिलेगी। मईल थाना क्षेत्र के भटौली गांव निवासी नौशाद पुत्र अली अहमद दुबई में रहकर एक प्राइवेट कंपनी में काम करता था। 10 दिन पहले वह घर आ गया।
नौशाद की हत्या का सोमवार को खुलासा करते हुए पुलिस पत्नी रजिया सुल्तान को जेल भेज चुकी है। जबकि प्रेमी भांजा रोमान और उसका दोस्त हिमांशु पुलिस की पकड़ से दूर हैं। मंगलवार की सुबह परिवार के लोग सदमे में थे।
नौशाद की बहन निसात खातून, नूरसमा व सबनम ने कहा कि भाभी रजिया के चरित्र के बारे में भाई को जानकारी थी।
इसके लिए परिवार में कई बार पंचायत भी हो चुकी है। सबकुछ जानने के बावजूद नौशाद, रजिया पर भरोसा करता था, मगर वह इतना बड़ा कदम उठा लेगी, इस बारे में किसी ने सोचा तक नहीं था। उसकी हरकत से आज समाज में पति-पत्नी के रिश्तों पर सवाल उठने लगे हैं। त