देवरिया। शिक्षक नेता अखिलेश मिश्र की मौत के चार दिन बाद भी परिजनों द्वारा इस मामले में कोई तहरीर नहीं दी गई। वहीं अटकलों पर अब धीरे-धीरे विराम भी लगने लगा है। दूसरी ओर शिक्षक नेता के बड़े भाई का कहना है कि किसी प्रकार की कार्रवाई के लिए परिवार की रुचि नहीं है।
जूनियर शिक्षक संघ के मंडल मंत्री अखिलेश मिश्र (48) पुत्र दुर्गा मिश्र निवासी ग्राम परसिया थाना खुंखुंदू की तैनाती सलेमपुर के जूनियर हाईस्कूल पड़री वनमाली में थी। वह गोरखपुर के खोराबार से विद्यालय आते-जाते थे। बुधवार की देर शाम रेलवे स्टेशन देवरिया के प्रतीक्षालय से अचेत अवस्था में जीआरपी उन्हें मेडिकल कॉलेज ले आई, जहां चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया। अखिलेश के पास से एक पत्र व मोबाइल फोन बरामद हुआ। इसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
सूत्रों के अनुसार जीआरपी द्वारा बरामद पत्र में कुछ आरोप भी लगाए गए हैं। वहीं साथियों व शिक्षक नेताओं ने मौत को संदिग्ध बताया। पत्र में सलेमपुर के एक शिक्षा विभाग के अधिकारी पर आरोप लगाया गया था, परंतु घटना के चार दिन बाद भी शिक्षक नेता के परिवार की ओर से कोई तहरीर नहीं दी गई। अखिलेश के बड़े भाई गंगेश मिश्र से जब बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि भाई को खो दिए है। अब किसी प्रकार की कार्रवाई के लिए परिवार की रुचि नहीं है। वहीं गोरखपुर आवास पर शोक संवेदना व्यक्त करने वाले शिक्षकों व शिक्षा विभाग के अधिकारियों का आना-जाना जारी है। धीरे-धीरे उनकी मौत को लेकर अटकलों पर विराम लगने लगा है।