छपिया मिश्र में आयोजित जलसा में उपस्थित मौलाना।संवाद
छपिया मिश्र गांव में आयोजित हुआ पैगाम-ए-हक कांफ्रेंस
संवाद न्यूज एजेंसी
भाटपाररानी। तहसील क्षेत्र के छपिया मिश्र गांव में शनिवार की रात पैगाम -ए- हक कांफ्रेंस नामक जलसा का आयोजन किया गया। जिसमें तमाम उलमा- ए- कराम व शोरा -ए- इस्लाम ने अपनी तकरीर व नात -ए- नबी के जरिए मुस्लिम समाज के लोगों को नसीहत दी।
मुख्य अतिथि अलजामिअतुल अशरफिया अरबी यूनिवर्सिटी मुबारकपुर आजमगढ़ के सरबराह-ए आला पीर- ए- तरीकत हजरत अल्लामा मौलाना अब्दुल हफीज साहब किब्ला ने कहा कि आज दहेज प्रथा जैसी बुराई बढ़ती जा रही है। मुस्लिम समाज के लोगों को दहेज की भीख मांगना बंद करना चाहिए। मुबारकपुर से ही तशरीफ लाए मौलाना नइमुद्दीन बरकाती ने कहा कि मां-बाप को चाहिए कि अपने बेटे-बेटियों को अनावश्यक रूप से मोबाइल देने के बजाय अच्छी तालीम दें। ऑल इंडिया गरीब नवाज कौंसिल के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मु. हासिम अशरफ कानपुरी ने कहा कि सच्चा मुसलमान वह है, जो अपने बर्ताव से किसी को तकलीफ न पहुंचाए। जलसे में आजमगढ़ के शायर एहसान शाकिर व सीतामढ़ी के शायर तजम्मुल हुसैन ने अपना नात - ए- कलाम पेश कर वाहवाही बटोरी। इस दौरान भाजपा के क्षेत्रीय मंत्री हरिचरन सिंह कुशवाहा, हाफिज नईमुद्दीन, मौलाना निजामुद्दीन बरकाती, मौलाना महमूद आलम कादरी, मौलाना इजहार अहमद, मौलाना अतिउल्लाह, मौलाना ग्यासुद्दीन, कवि व शायर मकसूद अहमद भोपतपुरी, हाफिज जुलकर नैन, मौलाना सिराजुद्दीन, अली असगर और निजामुद्दीन आदि मौजूद थे।