आरोपी अरुण का अपने पिता से हुआ था विवाद, महबूब समझाने गया तो मार दिया चाकू
मृतक के पिता की तहरीर पर केस दर्ज, एसपी और एएसपी ने घटनास्थल का लिया जायजा
संवाद न्यूज एजेंसी
बरहज/भलुअनी। गड़ेर क्षेत्र के बभनी बाबू गांव में रविवार की देर शाम मामूली बात को लेकर विवाद हो गया। इसमें चाकू घोंपकर महबूब आलम (37) पुत्र रईस मोहम्मद की हत्या कर दी गई। मामले में पुलिस ने मृतक के पिता की तहरीर पर गांव के ही अरुण कुमार के खिलाफ हत्या आदि का केस दर्ज किया है। आरोपी को सोमवार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
बभनी बाबू गांव निवासी रईस मोहम्मद पुत्र मरहूम अशरफ अली ने पुलिस को दी तहरीर में कहा है कि अरुण कुमार ने रात में अपने पिता से कहासुनी की। मौके पर मौजूद महबूब ने उसे समझाना चाहा। जो उसे नागवार गुजरा। अरुण ने महबूब के सीने और पेट में चाकू से वार कर दिया। इससे वह खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर पड़ा।
मामले में पुलिस ने गांव निवासी हत्यारोपी अरुण कुमार को गिरफ्तार कर लिया। सीओ आदित्य कुमार गौतम ने बताया कि पिता की तहरीर पर हत्या का केस दर्ज किया गया है। जबकि हत्यारोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।
इंसेट में-
एसपी और एएसपी ने घटनास्थल का लिया जायजा
बरहजी/भलुअनी। गड़ेर क्षेत्र के बभनी बाबू गांव में रविवार की देर शाम चाकू घोंपकर महबूब आलम की हत्या कर दी गई। मामले में पुलिस ने हत्यारोपी को गिरफ्तार कर लिया है। सोमवार को एसपी डॉ. संकल्प शर्मा और एएसपी भीम कुमार गौतम भलुअनी थाने पहुंचे। जहां मामले की पड़ताल की। जबकि मौके पर जाकर घटना का जायजा लिया। हत्यारोपी अरुण कुमार का नगर पंचायत में संविदा कर्मी होना बताया जा रहा है। उसका भाई सिद्धार्थनगर में पीसीएस अधिकारी हैं, वहीं, दो अन्य भाई देवरिया में अधिकारी हैं। हत्या के बाद गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। गांव में पुलिस नजर बनाए हुए है।
इंसेट में-
पुलिस के पहरे में निकला जनाजा, महबूब को दी गई मिट्टी
बरहज। सोमवार को पुलिस की मौजूदगी में महबूब का जनाजा निकला। गांव स्थित मस्जिद के निकट कब्रिस्तान में सुपुर्दे खाक किया गया। जनाजे में सभी जाति-वर्ग के लोग शामिल थे। लोग घटना की निंदा कर रहे थे। रईस मोहम्मद के पुत्र महबूब आलम का शव दिन में करीब ढाई बजे गांव पहुंचा। मां जोहरा खातून, भाई महमूद आलम, बहन राबिया, बबिया, अफसाना दहाड़ें मारने लगे। वहीं, शव देख पत्नी शबनम रह-रह कर बेहोश हो जा रही थी। चार वर्षीय पुत्र नुरैन अपने पिता को जमीन पर लेटा देखकर कुछ समझ नहीं पा रहा था। महबूब की मिट्टी के दौरान इंस्पेक्टर अर्चना सिंह मयफोर्स कब्रिस्तान में जमी थीं।