इलाज के दौरान मेडिकल कॉलेज में किशोर ने तोड़ा दम, सदर कोतवाली पुलिस पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को शव सौंपा
विकास कैटर्स के साथ काम कर घर का खर्च चलाता था रवि, 30 अप्रैल को हिसाब कराने के बाद घर लौटने के लिए कहा था
संवाद न्यूज एजेंसी
सलेमपुर। सदर कोतवाली थाना क्षेत्र के रुद्रपुर मोड़ स्थित एक मैरिज हॉल में रविवार की रात करंट की चपेट में आने से एक किशोर वेटर गंभीर रूप से घायल हो गया। लोगों ने उसे मेडिकल कॉलेज पहुंचाया, जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। सूचना पर पहुंची सदर कोतवाली पुलिस ने शव का पंचनामा करके शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। उधर, मैरिज हॉल संचालक व कैटर्स संचालक मौके से फरार हैं। पीड़ित परिवार ने सदर कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।
नगर पंचायत के वार्ड नंबर तीन भठवा धरमपुर के रहने वाले ध्रुपदेव प्रसाद का बेटा रवि कुमार (17) देवरिया के कैटर्स संचालक के यहां काम करता था। लग्न शुरू होने के बाद 17 अप्रैल को वह विकास कैटर्स के यहां काम करने चला गया। उसके बाद वह कैटर्स संचालक के कमरे पर रहकर काम करता था। रविवार को वह रुद्रपुर मोड़ के समीप स्थित अनुश्री मैरिज हॉल में काम कर रहा था। इसी बीच खाना काउंटर पर करंट उतर गया। इसकी चपेट में रवि आ गया। वहां मौजूद लोगों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन वह बुरी तरह से घायल हो गया। लोगों ने उसे मेडिकल कॉलेज देवरिया पहुंचाया, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर मिलते ही मैरिज हॉल से लोग खिसकने लगे। उधर, परिवार के लोगों ने मैरिज हॉल संचालक और कैटर्स संचालक के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए सदर कोतवाली में तहरीर दी है।
कोट
मामला संज्ञान में है। पुलिस जांच कर रही है। जांच के बाद दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
-संजय कुमार रेड्डी, सिओ सिटी
30 को हिसाब लेकर आऊंगा घर, अभी व्यस्त हूं बोलकर फोन काट दिया था रवि ने
सलेमपुर। रवि ने घटना के पहले करीब आठ बजे अपनी बहन पिंकी को फोन कर बताया कि लग्न खत्म हो गई है। कुछ बहूभोज का कार्यक्रम बचा है। आज अनुश्री मैरिज हॉल में काम कर रहा हूं। हिसाब लेने के बाद मैं 30 अप्रैल को घर आ जाऊंगा। तुम परेशान मत होना। मैं आऊंगा तो सब ठीक हो जाएगा। अभी मैं व्यस्त हूं। बाद में बात करता हूं। यह बोलकर उसने फोन काट दिया। पिंकी भाई की बात परिवार के लोगों से बता रही थी। इसी बीच एक फोन आया और उसके भाई की हालत गंभीर बताते हुए मेडिकल कॉलेज आने की बात कही गई। जब परिवार के लोगों के साथ पिंकी पहुंची तो उसके भाई का शव मेडिकल कॉलेज के बाहर रखा गया था। यह देखकर वह बदहवास हो गई और आपबीती सुनाते हुए चिल्लाने लगी। बहन की बात सुनकर वहां मौजूद लोगों का कलेजा दहल उठा। पिता ध्रुपदेव प्रसाद, मां सरोजा देवी, भाई अमित और बहन पिंकी का रो-रो कर बुरा हाल है।