अंधेरा होने तक आर्यन लौट कर नहीं आया तो अजीत से पूछताछ की गई। उसने बताया कि उसने आर्यन को डुमरी चौराहे से घर के लिए भेज दिया था, जबकि खुद एक दोस्त के पास रुक गया था। इसके बाद मामा का परिवार आर्यन की तलाश करने लगा। अजीत भी ढूंढने में जुटा रहा।
आर्यन नहीं मिला तो उसके मामा को अजीत पर संदेह हुआ। देर रात वे गुमशुदगी लिखवाने के बहाने अजीत को साथ लेकर थाने पहुंचे। घटनाक्रम की जानकारी के बाद पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की तो अजीत ने सच्चाई उगल दी।
अजीत ने पुलिस को बताया कि डिघवा निवासी दोस्त अनीस अहमद के साथ मिलकर रविवार देर शाम आर्यन की हत्या कर दी और शव को बोरी में भरकर पेट्रोल पंप के पास नहर में फेंक दिया। जानकारी के आधार पर पुलिस ने सोमवार भोर में आर्यन का शव बरामद कर लिया।
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अजीत ने पुलिस को बताया कि बैजू विश्वकर्मा से उसका भूमि विवाद चल रहा है। दो माह पहले आर्यन क्रिकेट खेल रहा था। तब गेंद अजीत की बाइक पर आकर गिरी थी। इस बात पर झगड़ा हुआ था। आर्यन बार-बार उसे मुंह चिढ़ाता था। इन्हीं बातों के खुन्नस में उसने आर्यन को मार डाला। पुलिस ने आर्यन के नाना राजेंद्र शर्मा की तहरीर पर अजीत विश्वकर्मा तथा अनीस अहमद के खिलाफ हत्या कर शव छिपाने का केस दर्ज कर लिया है।
एसपी संकल्प शर्मा ने कहा कि आर्यन के मामा और उनके पट्टीदार के बीच जमीन के विवाद में हत्या की बात सामने आई है। हत्यारोपी अजीत आर्यन का ममेरा भाई है। उसने अपने दोस्त के साथ मिलकर हत्या की बात कबूल की है। दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है।