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पत्नी के प्रेमी ने की थी धनंजय की हत्या

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धनंजय पांडेय हत्याकांड का आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ा। - फोटो : DEORIA
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एसपी ने हत्या का किया पर्दाफाश, दो दिन पहले बंद पड़ी चीनी मिल के झाड़ियों में मिला था शव
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संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। बिहार के सिवान में पीडब्ल्यूडी क्लर्क धनंजय पांडेय की हत्या का पुलिस ने सोमवार को पर्दाफाश कर दिया। मृतक की पत्नी के प्रेमी ने ही शराब पिलाने के बाद उसकी ईंट से कूंचकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
पुलिस लाइंस के मनोरंजन कक्ष में एसपी डॉ. श्रीपति मिश्र ने बताया कि शनिवार की सुबह बंद चीनी मिल के झाड़ियों में एक शख्स का शव मिला। आधार कार्ड और मोबाइल से पहचान बिहार के सिवान जिले के गोपालगंज के कुचायकोट थानाक्षेत्र के अमवा विजयपुर गांव निवासी धनंजय पांडेय (44) के रूप में हुई। मृतक के ससुर रामाजी मिश्र निवासी बंगरा बाजार, विजयीपुर (गोपालगंज) ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया। सदर कोतवाल टीजे सिंह हमराहियों के संग सोमवार को लॉकडाउन में क्षेत्र भ्रमण और बदमाश की तलाश में थे। सीसी रोड में निर्भया बूथ पर एसओजी प्रभारी अनिल कुमार यादव, एसआई घनश्याम सिंह भी टीम के साथ मिल गए। तभी मुखबिर ने सूचना दी कि अमेठी मोड़ से एक युवक कहीं भागने की फिराक में है। टीम ने उसे पहुंचकर पकड़ लिया। पुलिस की पूछताछ में उसने अपना नाम रतन पांडेय हाल-मुकाम देवरिया खास, मूल निवासी सिरजम हरहंगपुर, गौरीबाजार बताया। पूछताछ में उसने धनंजय की हत्या की बात कबूल की। बताया कि मृतक के बच्चों को कोचिंग पढ़ाता था। उसकी पत्नी से अवैध संबंध थे। घटना वाले दिन में हमने दावत की। रात आठ बजे के शराब पीने के लिए चीनी मिली की झाड़ियों में गया। वहां विवाद हो गया। रतन पांडेय ने बताया कि पहले मैंने थप्पड़ जड़ा, फिर उसने। इसके बाद मैंने ईंट चलाकर मार दिया। इससे वह अचेत होकर गिर गया। इसके बाद ईंट से सिर कई वार करने के बाद बाद गले को गिलोय से कस दिया था। एएसपी शिष्यपाल और सीओ सिटी निष्ठा उपाध्याय भी मौजूद रहीं।
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हत्या के बाद मोबाइल फोन लेकर भाग गया
देवरिया। हत्यारोपी रतन पांडेय मोबाइल मैकेनिक है। वह मृतक धनंजय का दूर का रिश्तेदार भी है। भुजौली से इंदिरानगर मोहल्ले में उसने ही किराए की मकान दिलाया था। धनंजय के दोनों बच्चों को वह कोचिंग भी पढ़ाता था। यहीं से वह पत्नी के करीब पहुंच गया। उसके मोबाइल से रिश्ते से संबंधित फोटो और वीडियो पुलिस को मिलेे हैं। हत्या करने के बाद रतन एंड्रायड मोबाइल लेकर भाग गया था। एक अन्य मोबाइल से धनंजय की पहचान हो सकी थी। मोबाइल की डिटेल खंगाली गई तो सारा मामला परत-दर-परत खुल गया।
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