सख्ती के बावजूद भी मुंबई से फरेंदहा पहुंची एंबुलेंस
रास्ते में जांच की बात तो दूर एंबुलेंस को कोई रोका तक नहीं
केदार में था कोरोना के लक्षण, दाह संस्कार में शामिल होने वालों की तलाश
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। मार्च में साड़ी पर माड़ी चढ़ाने वाली कंपनी में ठेकेदारी करने वाला भैंसाडाबर निवासी ठेकेदार केदार जायसवाल को लेकर मुंबई गया था। बीमारी की जानकारी होने पर केदार के परिजनों ने दबाव बनाया तो ठेकेदार ने 60 हजार रुपए में एंबुलेंस तय कर केदार के घर के लिए 27 अप्रैल को मुंबई से चल दिए। 29 अप्रैल की भोर में केदार के गांव फरेंदहा पहुंचे। वहां उसे उतारकर तीन लोगों को कंचनपुर चौराहे पर उतार कर वापस हो गए। इसमें एक विशुनपुर कला और दो लोग भैंसाडाबर गांव चले गए। स्वास्थ्य विभाग की माने तो घरवाले जो लक्षण बता रहे थे, उस हिसाब से केदार भी संक्रमित था, लेकिन किसी ने स्वास्थ्य विभाग को इसकी जानकारी नहीं दी।
विशुनपुर कला निवासी युवक अपने भाई को बाइक से कंचनपुर बुला लिया था। वह जब गांव पहुंचा तो इसकी जानकारी ग्राम प्रधान को हुई। ग्राम प्रधान की सूचना पर स्वास्थ्य विभाग की टीम 30 अप्रैल को तीनों को जिला अस्पताल लाकर आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया। जांच के लिए सैंपल बीआरडी मेडिकल कॉलेज भेजा गया। उधर केदार की 29 अप्रैल को ही मौत हो गई थी, जिसमें तीनों शामिल होने अपने गांव से गए थे। विशुनपुर कला के युवक की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद जिला अस्पताल के मैटर्निटी विंग में बने आइसोलेशन वार्ड को भी रात में सैनिटाइज कराया गया। इसके संपर्क में रहने वालों की सूची तैयार होने लगी। इसमें संक्रमित युवक की पत्नी, दो बेटी, भाई और केदार की मां, पत्नी, नाती, भतीजा, भाई भी शामिल हैं। प्रशासन की चौकसी के बावजूद जिले में गैर प्रांतों से लोग ट्रक, बोलेरो, स्कार्पियों और एंबुलेंस की मदद से अपने घरों को पहुंच रहे हैैं। बार्डरों पर तैनात पुलिस इन्हें रोक नहीं पा रहीं हैं। विशुनपुर चिरकिहवा गांव में एक बोलेरो से युवक पहुंचा। दो दिनों तक परिवार के साथ रहने के बाद उसकी थर्मल स्क्रीनिंग हुई। कई प्वाइंट पर लापरवाही बरती गई। गांव के लोग सख्त हुए तो कोरोना की जांच हुई, जिसमें रिपोर्ट निगेटिव आई।
222 कोरोना संदिग्धों की जांच में एक पॉजिटिव
अभी तक 222 कोरोना संदिग्धों की जांच हो चुकी है। एक को छोड़ सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई है। फरनहा, विशनुपुर कला और भैंसा डाबर गांव में तरकुलवा, पथरदेवा और रामपुर कारखाना सीएचसी के प्रभारी के अलावा डॉ. अमित सिंह, राजीव भूषण पांडेय के अलावा एसीएमओ डॉ. बीपी सिंह, डॉ. राजेंद्र प्रसाद की ड्यूटी लगाई है। तहसीलदार और नायब तहसीलदार भी गांव में कैंप कर रहे हैं।
सभी के सैंपल जांच के लिए बीआरडी मेडिकल कॉलेज भेजे जा रहे हैं। चारों के संपर्क में रहे लोगों की सूची बनाई गई है, जो लोग केदार के अंतिम संस्कार में शामिल हुए थे, उन सभी की भी जांच की जा रही है।
डॉ. आलोक पांडेय, सीएमओ