तरकुलवा। घर के इकलौते बेटे की मौत की खबर ने मठिया रत्ती गांव में एक परिवार को ऐसा जख्म दिए, जिसकी भरपाई शायद कभी नहीं हो सकेगी। 25 वर्षीय जयकृष्ण यादव की नवी मुंबई के सीलफटा इलाके में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।
बुधवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद एंबुलेंस से शव घर लाया गया तो पत्नी, मां, पिता और बहनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया। बूढ़े माता-पिता बार-बार यही कहते रहे कि बुढ़ापे की लाठी उनसे छिन गई।
मठिया रत्ती निवासी छोटे लाल यादव के दो बेटियों के बीच जयकृष्ण इकलौता बेटा था। करीब छह साल पहले उसकी शादी सुमन यादव से हुई थी। उसकी चार वर्षीय बेटी टीटू है। परिवार के भरण-पोषण के लिए जयकृष्ण करीब एक साल पहले मुंबई गया था और खारपार में रहकर कारपेंटर का काम करता था। रविवार शाम काम खत्म करने के बाद वह ससुराल जाने के लिए निकला था। रास्ते में सीलफटा थाना क्षेत्र में सड़क किनारे संदिग्ध परिस्थितियों में मृत मिला। उसके सिर पर गंभीर चोट थी। पुलिस ने आधार कार्ड से पहचान कर परिवार वालों को सूचना दी।
जयकृष्ण की मौत से पत्नी सुमन बेसुध है। बहनों का भी रो-रोकर बुरा हाल है। छोटी बहन की शादी की जिम्मेदारी भी जयकृष्ण पर थी। घरवालों के सपने एक झटके में बिखर गए।
बुधवार को सोनहुला रामनगर स्थित छोटी गंडक नदी के घाट पर पिता छोटे लाल ने कांपते हाथों से इकलौते बेटे को मुखाग्नि दी।