देवरिया/बरियारपुर। राउतपार गांव की एक बच्ची को बेचे जाने के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। पहले एक महिला ने आशा कार्यकर्ता और ग्राम प्रधान पर नवजात बच्ची को मृत बताकर उसे रुपये के बदले रसूखदारों को बेचने का आरोप लगाया। महिला ने नवजात की बरामदगी की गुहार भी लगाई। महिला का गुहार लगाते एक वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हुआ। एसपी के निर्देश पर पुलिस ने नवजात को बरामद भी कर लिया। इस दौरान उसका पालन पोषण करने वाले दंपती को भी थाने पर बैठाए रखा। इसके बाद महिला को थाने बुलाया। देर रात तक नहीं आने पर बच्चे को गोद लेने वाले दंपती के साथ उसके घर पुलिस पहुंची, परंतु महिला घर छोड़ कर फरार मिली। इसके बाद पुलिस ने महिला को सीडब्ल्यूसी को सौंप आगे की कार्रवाई में जुट गई। बरियारपुर थाना क्षेत्र के राउतपार गांव निवासी सिरजावती देवी पत्नी सीताराम ने आरोप लगाया है कि 24 नवंबर को लाहिलपार स्थित एक अस्पताल में उसे जुड़वा बेटा व बेटी पैदा हुई, लेकिन कुछ देर बाद बेटे की मौत हो गई। जबकि बेटी की तबीयत खराब हो गई। मौके पर मौजूद आशा 27 नवंबर को देवरिया स्थित एक डॉक्टर के पास महिला को ले गई और इलाज के दौरान बच्ची की मौत हो जाने की बात कह उसे घर जाने को कहा, जब मां ने बच्ची का शव मांगा तो उसे टालमटोल कर गुमराह किया। बाद में उसे पता चला कि उसकी बच्ची को आशा और प्रधान ने देवरिया में एक परिवार को रुपये लेकर बेच दिया गया है।
महिला थाने पर पहुंची तो आरोपियों ने जबरन महिला का अंगूठा लगाकर सहमति से आरोपी परिवार को देने की बात कह पल्ला झाड़ लिया। इसके बाद महिला वीडियो वायरल कर बच्ची को देने की गुहार लगाने लगी। इसके अलावा रविवार को पीड़िता ने एसपी विक्रांत वीर को तहरीर देकर प्रकरण से अवगत कराया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने थानेदार से आरोपियों पर कार्रवाई करने की बात कही। एसपी के निर्देश पर तेज हुई पुलिस चंद घंटों में आरोपियों को पकड़ बच्ची को बरामद कर लिया। एसओ कंचन राय ने बच्चे की बरामदगी होने के बाद महिला को थाने आने के लिए बुलावा भेजा। महिला देर रात तक थाने नहीं पहुंची। इसके बाद थाना नवजात व गोद लेने वाली दंपति के साथ राउतपार गांव पहुंची। जहां महिला व उसका पति गायब मिले। घर पर उसके चार छोटे-छोटे बच्चे मिले। इसके बाद थानाध्यक्ष कंचन राय ने महिला को घर आने पर थाने भेजने की बात कही। सोमवार की दोपहर तक महिला के थाने नहीं पहुंचने पर थानाध्यक्ष ने नवजात को सीडब्ल्यूसी को सौंप कर आगे की कार्रवाई में जुट गई।
कोतवाली के पास से वीडियो वायरल
देवरिया। सिरजावती देवी ने एक रोज पहले कहा था कि नवजात बेटी की तबीयत खराब होने की बात कह आशा 27 नवंबर को देवरिया स्थित एक डॉक्टर के पास ले गई। इसके बाद इलाज के दौरान बच्ची की मौत हो जाने की बात कह उसे घर जाने को कही। इसके बाद उसकी नवजात बेटी को बेच दिया। इसके गांव के प्रधान ने भी सहयोग किया। मैंने जब शिकायत की तो दोनों आग बबूला हो गए। दोनों लोग अन्य के साथ मिलकर मुझे मारने की योजना बना रखी है। यह देख शाम को मैंने घर छोड़ दिया और कोतवाली में शरण ली हूं। इधर पुलिस नवजात को बरामद कर उसे देने के महिला को थाने बुलायी। थाने नहीं पहुंचने पर घर पहुंची परंतु वह नहीं मिली। सोमवार को महिला का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जरूर वायरल हो रहा है। इसमें महिला यह कहते हुए मिली कि आशा ने जिनको बच्चा दिया है। उनके घर से चार लोग, आशा व प्रधान कुछ लोगों के साथ मेरे घर पर रविवार को धमक आए। उनके साथ दो पुलिस कर्मी भी मौजूद थे।