संवाद न्यूज एजेंसी
लार। सीएचसी के स्वास्थ्यकर्मियों की लापरवाही से तीन दिन पहले प्रसव के चार घंटे बाद प्रसूता की मौत हो गई। इसके बाद मासूम के सिर से मां का साया उठ गया। परिवार के लोगों ने स्वास्थ्यकर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, खीरी मोहल्ला निवासी 30 वर्षीय निकहत परवीन की शादी बरहज क्षेत्र में हुई थी। फिलहाल वह मायके में थी। सोमवार की शाम उसे प्रसव पीड़ा होने लगी तो परिजन सीएचसी लार पर ले गए। शाम करीब 6:30 बजे नार्मल डिलीवरी से बच्ची पैदा हुई। कुछ घंटे बाद रक्तस्राव होने लगा।
परिजनों का आरोप है कि चिकित्सकों ने इस पर ध्यान नहीं दिया।
हालत बिगड़ते देख मेडिकल काॅलेज रेफर कर दिया। रात करीब 10 बजे मेडिकल काॅलेज पहुंचने पर चिकित्सक ने प्रसूता को देखा तो कहा कि इसकी मृत्यु रास्ते में ही हो गई है। यह सूचना पाते ही पति साजिद अहमद और परिजनों में चीख-पुकार मच गया।
प्रसूता के शव को लेकर परिजन देर रात उसके ससुराल बरहज चले गए, जहां मंगलवार को दोपहर बाद कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया। तीन वर्षीय बच्ची खुशी व एक दिन की जन्मी बच्ची पर से मां का साया उठ जाने से परिजनों के साथ ही जानने वाले का मन द्रवित हो गया।
प्रसूता बरहज ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष मुजफ्फर हुसैन मंसूरी के भतीजे की पत्नी थी। उधर, सीएचसी अधीक्षक का कहना है कि प्रसूता के इलाज में लापरवाही नहीं बरती गई है।