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Deoria News: मां-बेटी का एक साथ एक ही चिता पर दाह संस्कार, मासूम रणवीर ने दी मुखाग्नि

Sun, 12 May 2024 12:16 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
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फोटो। सरयू तट पर एक साथ सजी मां व बेटी चिता
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फोटो। मां-बेटी की हत्या के बाद सुनसान मृतक का घर
फोटो। गिरफ्तार आरोपी को जेल भेजती पुलिस
- भागलपुर सरयू नदी तट पर हुआ अंतिम संस्कार
- आरोपी बुआ के परिजनों के साथ पहुंचा था रणवीर ने दी मुखाग्नि
- मां और बहन की मौत के उनकी याद में तीनों बच्चों का रोकर बुरा हाल
संवाद न्यूज एजेंसी
मईल। थाना क्षेत्र के बिसौली माफी गांव निवासी मां व बेटी की हत्या के बाद उनका शव पोस्टमार्टम के बाद शुक्रवार की देर शाम गांव पहुंचा। इसके बाद दोनों शवों का भागलपुर सरयू तट पर अंतिम संस्कार किया गया। एक ही चिता पर मां-बेटी के शव रखे गए थे। पुत्र रणवीर ने मुखाग्नि दी। एक ही चिता पर अपनी मां व बहन को जलते देखकर तीनों मासूम रणवीर, राजवीर, रघुवीर रोए जा रहे थे। उनकी दशा देख उपस्थित लोगों की आंखें नम हो गई।
थानाध्यक्ष गोरखनाथ सरोज व प्रधान प्रतिनिधि अमरेन्द्र ठाकुर के सहयोग से अन्तिम संस्कार हुआ। बिसौली माफी गांव में बृहस्पतिवार की शाम को बब्लू ने शराब की नशे में अपनी पत्नी दुर्गा व बेटी प्रीति की सिलबट्टे से मारकर हत्या कर दी थी। बबलू के खौफ से उसके पास-पड़ोस से कोई भी व्यक्ति अन्तिम संस्कार में शामिल नहीं हुआ। इसकी क्षेत्र में चर्चा जोर-शोर से चल रही है। इधर, पुलिस ने मां-बेटी की हत्या करने वाले आरोपी को शनिवार को न्यायालय में प्रस्तुत करते हुए जेल भेज दिया।
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थाना क्षेत्र के बिसौली माफी गांव में पत्नी दुर्गा व बेटी की बृहस्पतिवार की शाम को हत्या कर शव को घर में बंद कर बबलू फरार हो गया था। शुक्रवार की शाम को थानाध्यक्ष गोरखनाथ सरोज ने अपने हमराहियों के साथ मुखबिर की सूचना पर कुण्डौली तिराहे से गिरफ्तार किया था। सीओ बरहज आदित्य कुमार ने बताया कि हत्यारोपी बबलू को कार्रवाई के लिए देवरिया न्यायालय भेज दिया गया।

एक-दूसरे का साया बनकर साथ रहने वाली मां व बेटी की चिता एकसाथ जली

दुर्गावती की चार संतानों में पुत्री प्रीति बड़ी थी। वह शुरू से ही मां के साथ ज्यादा रहती थी। दुर्गा अपने तीनों पुत्रों रणवीर, राजवीर, रघुवीर से भी प्यार करती थी लेकिन पुत्री को वह जान से भी बढ़कर मानती थी। दुर्गा व बबलू में अक्सर विवाद होता था। विवाद के बाद दुर्गा पुत्री से कहा करती थी कि जब उसके पिता बाहर से आएं तो वह अन्यत्र कुछ देर के लिए चला जाया करे। बृहस्पतिवार को बबलू आया और दुर्गा से कहासुनी करने लगा। यह देख प्रीति भयभीत होकर मां के पास सिमट गई। सिलबट्टे से जब बबलू ने प्रहार किया तो प्रीति ने रोका, जिस पर नाराज होकर बबलू ने उसकी भी हत्या कर दी। दोनों मां-बेटी की हत्या के बाद एक साथ पोस्टमार्टम हुआ। दोनों की एक साथ चिता भी जली, जिसे रणवीर ने मुखाग्नि दी।

सात आठ महीनों से खाली था आरोपी पति, पत्नी मारती थी ताना
बिसौली गांव निवासी बबलू प्रसाद ने 13 साल पहले अपने से छह साल बड़ी युवती दुर्गा से लव मैरिज की थी। शादी के बाद दोनों को एक बेटी और तीन बेटे हुए। बबलू सात-आठ महीनों से गांव पर खाली बैठा था। इसे लेकर पति-पत्नी में कहासुनी होती थी। बृहस्पतिवार की रात में बबलू शराब पीकर आया। इसको लेकर पति-पत्नी में कहासुनी हुई। नाराज बबलू ने घर में रखे सिलबट्टे से उसके सिर पर वार कर दिया। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
पड़ोसी की कौन कहे, रिश्तेदार नहीं हुए तैयार, चौकीदार की तहरीर पर हुआ मुकदमा

हत्या के बाद आरोपी के भय से पड़ोसी भी दहशत में रहते थे। कुछ गांव वालों को शाम को ही हत्या की जानकारी हो गई थी लेकिन उसके भय से पुलिस को सूचना नहीं दी। शव को पोस्टमार्टम में भेजने के बाद पुलिस ने पड़ोसियों से तहरीर देने की बात कही, पर कोई तैयार नहीं हुआ। रिश्तेदारों से भी संपर्क किया लेकिन तहरीर देने के लिए कोई राजी नहीं हुआ।
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संयोग था कि तीनों बेटे खेल रहे थे घर के बाहर
बृहस्पतिवार की शाम बबलू नशे में धुत होकर घर पहुंचा। घर पहुंचते ही उसकी कहासुनी दुर्गा के साथ शुरू हो गई। वह गालियां बके जा रहा था। उसकी आवाज बाहर तक सुनाई दे रहे थी। इधर, उसके तीनों बच्चे उसके घर पहुंचते ही भागकर बाहर आ गए और खेलने में मशगूल हो गए। दुर्गा के साथ उसकी पुत्री प्रीति घर में ही पिता के दहशत के मारे गुमसुम थी। कुछ देर अंतराल के बाद घर से आ रही कहासुनी की आवाजें आनी बंद हो गईं। कुछ ही देर बाद बबलू घर से निकला और गांव की तरफ चला गया। संयोग ठीक था कि जिस समय बबलू ने अपनी पत्नी दुर्गा व बेटी प्रीति की सिलबट्टे से मारकर हत्या की। उस समय उसके बेटे रणवीर, राजवीर, रघुवीर घर के बाहर खेल रहे थे। अगर घर में तीनों रहते तो शायद उनकी भी जान इंसान से हैवान बना बबलू ले लेता। पुलिस रात में ही तीनों बच्चों को लेकर थाने आई और आरोपी बबलू की बुआ ज्ञान्ती को सौंप दिया। तीनों बच्चे काफी डरे व सहमे हैं।
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