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Deoria News: जिस बेटे की लंबी उम्र के लिए रखा व्रत, उसी की अर्थी को देख दहाड़ मारकर रोई मां

Tue, 06 Oct 2026 12:28 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
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सभासद का शव पहुंचने के बाद बदहवास होकर रोते बिलखते परिजन
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रुद्रपुर। जिस बेटे की लंबी उम्र की कामना के लिए मां ने जीवितपुत्रिका का व्रत रखा था, सोमवार को उसी बेटे का पार्थिव शरीर घर के दरवाजे पर लाया गया तो उसकी दुनिया उजड़ गई। बेटे के शव से लिपटकर मां दहाड़ मारकर रोने लगी। बार-बार बेटे को पुकारती रही मगर राजन अब कभी लौटकर नहीं आने वाला था। मां की चीख सुनकर घर के बाहर जुटी भीड़ भी सन्न रह गई। कुछ ही पल में पूरा माहौल करुण क्रंदन से भर उठा।
पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर सेना के सूबेदार का पार्थिव शरीर लेकर लौट रही गाड़ी हादसे का शिकार हो गई थी। हादसे में चार लोगों की जान चली गई थी। इन्हीं में रुद्रपुर नगर के सभासद राजन चौधरी भी थे। सोमवार सुकी बह उनका पार्थिव शरीर भरटोला स्थित घर लाया गया तो अंतिम दर्शन के लिए मोहल्ले और आसपास के गांवों से लोग उमड़ पड़े।
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दरवाजे पर पहले से लोगों की भीड़ थी। जैसे ही राजन का पार्थिव शरीर लाया गया, कुछ क्षण के लिए हर तरफ सन्नाटा छा गया। इसके बाद मां की चीख ने उस खामोशी को तोड़ दिया। पत्नी और बहनों का भी रो-रोकर बुरा हाल था। परिवार की महिलाओं की चीत्कार सुनकर उन्हें संभालने पहुंचीं महिलाएं भी अपने आंसू नहीं रोक सकीं।
राजन के घर का आंगन देखते-ही-देखते लोगों से भर गया। बीच में रखा पार्थिव शरीर और चारों ओर बिलखते घरवाले हादसे की भयावहता बयां कर रहे थे। कोई परिवार को ढांढ़स बंधा रहा था तो कोई चुपचाप खड़ा होकर इस दुख को देख रहा था। राजन को अंतिम बार देखने पहुंचे लोगों की आंखें भी नम थीं।
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बेटे को मुखाग्नि देते ही बेसुध हुए पिता
अंतिम संस्कार के समय परिवार के लिए दुख का सबसे कठिन पल आया। बुजुर्ग पिता रामप्रीत ने जवान बेटे राजन को मुखाग्नि दी। जिस बेटे के कंधे पर पिता को सहारा मिलना था, उसी बेटे की चिता को अपने हाथों अग्नि देते समय रामप्रीत बेसुध हो गए। सामने जवान बेटे की जलती चिता और आंखों के सामने बिखरे सपनों का यह दृश्य देखकर वहां मौजूद लोग भी भावुक हो उठे।
श्मशान घाट पर राजन के चाचा रामसूरत भी उन्हें याद कर फफक पड़े। अंतिम विदाई तक परिवार के आंसू थम नहीं सके। जवान बेटे को खोने का दर्द मां-पिता के चेहरे पर साफ दिखाई दे रहा था।
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पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का हादसा राजन के परिवार से सिर्फ एक सदस्य को नहीं छीन ले गया, बल्कि पीछे रह गए अपनों की जिंदगी में ऐसा खालीपन छोड़ गया, जिसे भर पाना आसान नहीं होगा। सोमवार को राजन की चिता के साथ परिवार के कई सपने भी राख हो गए।
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