19 डिग्री पर मरने वाले मच्छर 13 में भी नहीं हो रहे कम
कोहरा न पड़ने की वजह से मच्छरों को संजीवनी मिल रही, डेंगू के मरीजों की संख्या हुई 47
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। ठंड बढ़ने के बाद भी डेंगू का प्रकोप जिले में इन दिनों खूब बढ़ा है। स्वास्थ्य विभाग के जानकारों का मानना है कि ठंड बढ़ने पर मच्छर अपने आप मर जाते हैं। गंभीर बात तो यह है कि न्यूनतम 19 डिग्री पर मच्छर मर जाते हैं, लेकिन इस समय 13 डिग्री न्यूनतम तापमान होने के बाद भी मच्छर कम नहीं हो रहे हैं। जिला मुख्यालय से लेकर देहात तक फॉगिंग के इंतजाम बेमतलब साबित हो रहे हैं। इसके कारण आएदिन संभावित डेंगू के मरीज मिल रहे हैं।
स्वास्थ्य और मलेरिया विभाग की बातों पर गौर किया जाए तो देरी से बारिश होने के कारण शहर और देहात के इलाकों के खाली स्थानों पर पानी भरा हुआ है। इसके कारण मच्छर पैदा हो रहे हैं। कोहरा न पड़ने की वजह से मच्छरों को संजीवनी मिल जा रही है। फॉगिंग और एंटी लार्वा के छिड़काव के बाद मरीजों की संख्या जिले में करीब 47 तक पहुंच चुकी है। जबकि संभावित डेंगू के मरीजों की संख्या 91 है। इनमें लक्षण मिले हैं। हर साल जाड़े का मौसम आने के बाद मच्छरों का प्रकोप कम हो जाता था लेकिन इस बार का हाल दूसरा है।
बारिश देर से होने से डेंगू का प्रकोप बढ़ा
देवरिया। मलेरिया अधिकारी राधेश्याम यादव ने बताया कि न्यूनतम तापमान 19 होने पर मच्छर खुद मर जाते हैं, लेकिन देर से बारिश होने के कारण खाली जगहों पर पानी भरा हुआ है। इसकी वजह से पानी में मच्छर पैदा हो रहे हैं। कोहरा अगर पड़ने लगे तो मच्छर मर जाएंगे। इससे बचने के लिए मच्छरदानी का उपयोग करना जरूरी है। इसके लिए लोगों को सावधान रहना होगा। संवाद
फॉगिंग की व्यवस्था पर उठ रहे सवाल
देवरिया। शहर में नगर पालिका और नगर पंचायतों के जिम्मे फॉगिंग कराने का कार्य है, जबकि गांवों में ग्राम स्वास्थ्य समिति के खाते से ग्राम प्रधान की फॉगिंग और छिड़काव कराने की जिम्मेदारी है। सच तो यह है कि नगर पालिका देवरिया केवल रोस्टर के हिसाब से हर दो वार्डों में फॉगिंग करा रही है। अन्य जगहों पर जैसे-तैसे काम चलाया जा रहा है। सबसे अधिक परेशानी ग्रामीण इलाकों में हो रही है। बाढ़ग्रस्त इलाकों में अधिकारियों ने दबाव बनाया तो छिड़काव हुआ, लेकिन अधिकतर गांवों में छिड़काव नहीं किया जा रहा है। ग्राम पंचायतें कागज में छिड़काव होने की रिपोर्ट भेज कर खानापूर्ति कर दे रही हैं।
सभी ग्राम प्रधानों को दिए गए हैं निर्देश
देवरिया। मुख्य विकास अधिकारी रवींद्र कुमार ने बताया कि सभी ग्राम पंचायतों को निर्देश दिए गए हैं कि स्वास्थ्य समिति के बजट से छिड़काव कराए। जलभराव वाले स्थानों पर एंटी लार्वा का छिड़काव कराया जाना चाहिए। इसके लिए ग्राम स्तर पर सभी कर्मचारियों की जिम्मेदारी है कि निगरानी करें।
शहर में छिड़काव के लिए इन नंबरों पर दें सूचना
देवरिया। नगर पालिका परिषद देवरिया के ईओ रोहित सिंह ने बताया कि फॉगिंग एवं एंटीलार्वा का छिड़काव नहीं होने पर 1533 पर कोई भी व्यक्ति सूचना दे सकता है। नियमित रूप से वार्डवार रोस्टर एवं टीम बनाकर प्रतिदिन दो वार्डों में फॉगिंग का छिड़काव युद्धस्तर पर कराया जा रहा है। नगर क्षेत्र में जलभराव की समस्या के समाधान के लिए तथा समुचित जलनिकासी की व्यवस्था करने के लिए संबंधित वार्ड के सफाई निरीक्षकों द्वारा सघन निरीक्षण किया जा रहा है।
फॉगिंग करवाने को जिलाधिकारी से लगाई गुहार
रामपुर कारखाना। नगर पंचायत रामपुर कारखाना के पूर्व सभासद राजू मद्धेशिया ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्रक दिया है। इसमें आरोप है कि नगर पंचायत में मच्छरों का प्रकोप अधिक बढ़ गया है। इससे जानलेवा बीमारियों के बढ़ जाने की आशंका बढ़ गई है। एक सप्ताह पहले उन्होंने अधिशासी अधिकारी को पत्रक सौंप कर फॉगिंग कराने की मांग की थी, लेकिन अब तक फॉगिंग नहीं कराई गई। उन्होंने जिलाधिकारी से नगर पंचायत रामपुर कारखाना में फॉगिंग कराने के निर्देश देने की मांग की है।
सही इलाज और खान-पान से डेंगू को दी जा सकती है मात
चिकिसक की सलाह पर जिला अस्पताल में कराया था डेंगू की जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। जनपद में लगातार मिल रहे डेंगू के मरीजों के कारण लोग सहमे हुए हैं लेकिन सही समय पर जांच, इलाज और सही खान-पान से डेंगू को हराया जा सकता है। इलाज में लापरवाही भारी पड़ सकती है। ऐसे में समय से अस्पताल पहुंचकर उपचार कराने की जरूरत है।
महर्षि देवरहवा बाबा मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल के मेडिसिन विभाग के चिकित्सक डॉ. विजय गुप्ता ने बताया कि डेंगू मच्छरों के काटने से फैलता है। तेज बुखार, जोड़ों में दर्द और प्लेटलेट्स में कमी इसके लक्षण हैं।
डेंगू एक ऐसी बीमारी है, जिसके लक्षणों को पहचान कर अगर शीघ्र इलाज करा लिया जाए तो सामान्यतया न तो अस्पताल में भर्ती कराने की आवश्यकता पड़ती है और न ही प्लेटलेट्स चढ़ाने की। इसके इलाज में दवा के साथ घर में उपलब्ध तरल खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए।
डेंगू से पीड़ित रहे शहर के 45 वर्षीय एक युवक ने डेंगू के लक्षण मिलने पर सही समय पर जांच करा कर चिकित्सक के बताए दवाओं का सेवन किया कर और सही खान-पान से डेंगू को मात दे दिया है। उसने बताया कि आठ नवंबर को जोड़ों में दर्द, बुखार और सिर में दर्द हुआ तो बुखार की दवा ली। आराम नहीं मिलने पर नौ नवंबर को मेडिकल कालेज से संबद्ध जिला अस्पताल में चिकित्सक को दिखाया। चिकिसक ने लक्षणों के आधार पर उन्हें डेंगू की एलाइजा जांच कराई। एलाइजा जांच कराने के बाद रिपोर्ट में डेंगू कि पुष्टि हुई। प्लेटलेट्स 45 हजार पहुंच गया था। रिपोर्ट देखने के बाद चिकित्सक ने दवा दी और आराम करने की सलाह दी। साथ में तरल खाद्य पदार्थ व जूस का सेवन करने को कहा।
पीड़ित ने बताया कि घर पर ही दवा का सेवन, मच्छरदानी प्रयोग के साथ तुलसी के पत्तों को उबालकर उसका पानी पीया। गिलोय का जूस, आंवला गिलोय और तुलसी के काढ़े का सेवन किया। दाल का जूस, आंवले का जूस, अमरूद, किवी सहित विभिन्न फल के जूस का सेवन किया और आराम किया। 15 नवंबर को बुखार ठीक हुआ तो दोबारा जांच कराने पर प्लेटलेट्स भी डेढ़ लाख से अधिक था। कहा कि सही समय पर इलाज जरूरी है।
निशुल्क इलाज की सुविधा
सीएमओ डॉ. राजेश झा ने बताया कि सरकारी अस्पतालों में डेंगू की निशुल्क रैपिड जांच के इंतजाम हैं। वहां जांच कराने पर जो भी लोग पॉजिटिव आते हैं, उनकी एलाइजा जांच कराई जाती है और डेंगू कन्फर्म होने पर निशुल्क इलाज किया जाता है।
डेंगू के बढ़ रहे मरीज, पांच संदिग्ध मरीज मिले
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। शनिवार को पांच नए संदिग्ध मरीज मिले हैं। इस समय अस्पताल में डेंगू के आठ मरीजों का इलाज चल रहा है। शहर के एक मोहल्ले की एक युवती चार दिन से बुुखार से पीड़ित थी। उसके बाद उसकी मां भी बुखार की चपेट में आ गई। अस्पताल के ओपीडी में बृहस्पतिवार को दिखाई। चिकित्सक ने परीक्षण कर जांच कराई। रिपोर्ट आने के बाद शुक्रवार की शाम भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया गया। वहीं, बिहार के गोपालगंज क्षेत्र का एक व्यक्ति हरियाणा से छह दिन पहले घर आया है। इसके बाद पांच दिन से वह बुखार की चपेट में आ गया। परिजन शुक्रवार की शाम उसे लेकर जिला अस्पताल के इमरजेंसी पहुंचे, जहां लक्षण के आधार पर उसे डेंगू वार्ड में भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया गया।
रामपुर कारखाना ब्लॉक क्षेत्र की एक किशोरी पंद्रह नवंबर को विद्यालय से घर पहुंची। हल्का बुखार था। प्राइवेट में दवा ली। इसके अगले दिन बुखार तेज हो गया और बेहोश हो गई। इसके बाद परिजन उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। महिला वार्ड में भर्ती कर उसका उपचार शुरू हुआ। चिकित्सक ने जांच रिपोर्ट आने पर उसे शनिवार को डेंगू वार्ड में भर्ती कर इलाज शुरू किया।
सदर ब्लॉक क्षेत्र का एक युवक बीटेक का छात्र है। वह परिवार के साथ शहर के भीखमपुर रोड पर किराए के मकान में रहता है। छह दिन पहले किसी काम से लखनऊ गया था। अगले दिन लौट आया। इसके बाद बुखार, शरीर, सिर में दर्द से पीड़ित हो गया और उल्टी हो रही थी। दो दिन पहले अस्पताल की ओपीडी में चिकित्सक को दिखाया। दवा से आराम नहीं मिला। शनिवार को उसे डेंगू वार्ड में भर्ती किया गया। डेंगू वार्ड में आठ मरीजों का इलाज चल रहा है। इसमें तीन लोग कई दिन से भर्ती हैं, जबकि कल शाम से पांच लोग भर्ती किए गए हैं। वहीं, एक मरीज रेफर हुआ है, जबकि एक मरीज को छुट्टी दे दी गई है।
कोट
अस्पताल में डेंगू के मरीजों के इलाज के लिए इंतजाम किए गए हैं। एमसीएच विंग में बीस बेड का वार्ड बनाया गया है। चिकित्सक व स्टाफ नर्स की तैनाती की गई है। दवा व जांच की निशुल्क सुविधा उपलब्ध है।
-डॉ. एचके मिश्रा, चिकित्सा अधीक्षक