सलेमपुर। कोतवाली क्षेत्र के मधवापुर गांव में बंदरों का आतंक बढ़ता जा रहा है। बंदरों का झुंड जहां खेतों में फसलों को नुकसान पहुंचा रहा है, वहीं अब ग्रामीणों पर भी जानलेवा हमला कर रहे हैं। बुधवार की सुबह बंदरों के हमले से दो लोग जख्मी हो गए।
आसपास के लोगों ने घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां डॉक्टर ने प्राथमिक उपचार किया। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है और लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है।
जानकारी के मुताबिक बुधवार की सुबह मधवापुर गांव निवासी सुभाष तिवारी पुत्र स्व. रामलखन तिवारी बुधवार की सुबह करीब 4 बजे अपने दरवाजे पर टहल रहे थे। इसी दौरान एक हिंसक बंदर ने अचानक उन पर हमला कर दिया और बुरी तरह काट लिया। सुभाष तिवारी के शोर मचाने पर परिजन व आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे, तब जाकर बंदर वहां से भागा। घटना के कुछ ही देर बाद बंदरों ने गांव के ही एक अन्य निवासी पीयूष पांडेय पुत्र विनोद पांडेय को निशाना बनाया।
बंदर ने उन्हें धक्का देकर गिरा दिया जिससे वह भी घायल हो गए। घटना के बाद से ग्रामीणों में भय का माहौल है। घायलों का इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कराया गया। ग्रामीणों का कहना है कि बंदरों का झुंड लगातार लोगों पर हमला कर रहा है। खासकर बच्चे और बुजुर्ग घर से निकलने में डर महसूस कर रहे हैं। गांव के प्रकाश पांडेय उर्फ सल्टू पांडेय ने प्रशासन और वन विभाग से बंदरों को पकड़कर सुरक्षित स्थान पर छोड़े जाने की मांग की है, ताकि गांव में सामान्य स्थिति बहाल हो सके।