उत्तर प्रदेश कोआपरेटिव बी- फैक्स नगर पालिका देवरिया का धान क्रय केंद्र पर लगा ताला। संवाद
देवरिया। 15 दिन बीतने के बाद भी जिले में धान खरीद रफ्तार नहीं पकड़ सकी है। अब तक केवल 68 किसानों से 255 मीट्रिक टन ही धान खरीद हो पाई है, जबकि 80 हजार मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य है। खरीद में सुस्ती की वजह धान में नमी बताई जा रही है।
वहीं खरीदारी नहीं होने से किसान गेहूं की बुआई से लेकर शादी-ब्याह के खर्च तक को परेशान हैं। धान खरीद के लिए जिले भर में 98 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। इनमें से 97 सेंटर स्टेट एजेंसी के पास हैं। इनमें से सबसे अधिक 37 सेंटर पीसीएफ के पास हैं, जबकि 30 सेंटर उत्तर प्रदेश सहकारी संघ लिमिटेड के पास हैं।
28 सेंटर खाद्य विपणन विभाग को और दो सेंटर मंडी परिषद के पास है। इसके अलावा केंद्रीय पुल में भारतीय खाद्य निगम को एक सेंटर आवंटित है। अभी तक सबसे अधिक 194 मीट्रिक टन धान की खरीद खाद्य विपणन विभाग ने किया है। जबकि पीसीएफ ने 33 एमटी और पीसीयू ने दो एमटी ही खरीदारी की है। मंडी परिषद और भारतीय खाद्य निगम की तरफ से अभी खरीद शुरू ही नहीं की गई है।
धान में 17 प्रतिशत नमी स्वीकार अक्तूबर के अंतिम सप्ताह में हुई बारिश की वजह से धान की फसल भीग गई थी। क्रय केंद्र पर धान में 17 प्रतिशत तक नमी स्वीकार है लेकिन वर्तमान में नमी 20 प्रतिशत से अधिक आ रही है। किसानों का कहना है कि बारिश के चलते धान भीग गया था। कंबाइन से मड़ाई के बाद सुखाने के लिए अतिरिक्त समय चाहिए। इससे किसानों का बड़ा नुकसान हो रहा है।