इलाज किया न आपॅरेशन, ले लिया करोड़ों का भुगतान
आयुष्मान योजना में भ्रष्टाचार का मामला सामने आने के बाद डीएम से शुरू कराई जांच
आयुष्मान योजना के तहत आंख का आपरेशन किए बिना भुगतान का सामने आया मामला
देवरिया। प्रधानमंत्री आयुष्मान योजना में आंख का आपरेशन किए बिना बारह हजार रुपये भुगतान लेने का मामला प्रकाश में आया है। प्रतिपूर्ति के इस खेल के खुलासे के बाद योजना से जुड़े जिले के 17 निजी अस्पतालों में करोड़ों के गोलमाल की आशंका जताई जा रही है। योजना को टकसाल बनाने वाले निजी अस्पतालों पर शिकंजा कसने की तैयारी है। डीएम ने ऐसे अस्पतालों में इलाज कराने वाले मरीजों की सूची मिलने के बाद सभी एसडीएम को जांच के निर्देश दिए हैं।
जानकारी के अनुसार चटनी गढही स्थित अशोक अस्पताल की ओर से रामपुर कारखाना क्षेत्र के पुरुषोत्तमपुर निवासी अरविंद गुप्ता की पत्नी मनीषा देवी की आंख के आपरेशन में हुए खर्च की प्रतिपूर्ति का दावा किया गया। एक नवंबर, 2023 को हुए आपरेशन में 12 हजार रुपये का भुगतान ले भी लिया गया। हेरिटेज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के जिला कोआर्डिनेटर श्याम बिहार उपाध्याय की जांच में पता चला कि महिला को सिर्फ चश्मा दिया गया। आपरेशन हुआ ही नहीं। फर्जी बिल लगाकर भुगतान लिया गया। इसके अलावा सझवलिया गांव के चार-पांच लोगों का भी बिना आपरेशन के फर्जी भुगतान लिया गया है। इसकी जांच अभी चल रही है।
शासन तक शिकायत पहुंचने पर डीएम ने मांगी थी सूची
देवरिया। जिले में आयुष्मान योजना में 2018 से जुड़ने वाले अस्पताल व मेडिकल कॉलेज में जितना आंख का आपरेशन और अन्य बीमारियों का इलाज नहीं हुआ है, उससे दस गुना मरीजों का ऑपरेशन उन निजी अस्पतालों में हुआ जो डेढ़ से दो साल पहले ही योजना से जुड़े हैं। जानकारों की मानें तो इन निजी अस्पतालों ने तीन करोड़ से अधिक भुगतान ले लिया। शासन तक शिकायत पहुंची तो डीएम गंभीर हो गए और दो माह पहले सीएमओ को पत्र भेजा। इसमें डेढ़ साल के अंदर आयुष्मान योजना से हुए मरीजों के इलाज की सूची और उनका मोबाइल नंबर मांगे। सीएमओ कार्यालय व निजी अस्पतालों द्वारा सूची देने में टाल मटोल किया जाता रहा। आयुष्मान भारत योजना के मुख्य कार्यपालक अधिकारी लखनऊ पर दबाव पड़ा तो सूची उपलब्ध कराई गई।
तो मैनेज में जुटे अस्पताल संचालक
- आयुष्मान योजना में इलाज के नाम पर फर्जीवाड़े की जांच शुरू होने के बाद निजी अस्पताल संचालकों में हड़कंप है। आरोप है कि जिस निजी अस्पताल में बिना आपरेशन किए भुगतान लेने का मामला सामने आया, उसने दो साल में आंख के आपरेशन के नाम पर एक करोड़ रुपये का बिल पेश किया है। मेडिकल कॉलेज में इतनी सुविधा होने के बाद भी इतना आपरेशन नहीं किया जा सकता है। बताया जाता है कि विभागीय सांठगांठ से यह खेल हुआ है। इसी तरह शहर के पुरवा चौराहे के पास स्थित हास्पिटल ने भी एक साल में 3.54 करोड़ का इलाज कर दिया। बताया जाता है कि अच्छा-खास भुगतान भी हो गया है।
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डीएम की बैठक में डॉक्टरों को लेकर नहीं पहुंचे थे संचालक
देवरिया। डीएम अखंड प्रताप सिंह ने कुछ दिन पहले हुई डीएचसी की बैठक में आयुष्मान योजना में चयनित अस्पताल संचालकों को डॉक्टरों के साथ बुलाया गया था। लेकिन, एक भी संचालक नहीं पहुंचा। कोई न कोई बहाना बनाया गया।
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मरीज की आंख का आपरेशन किया गया था। आंखों में कई बीमारियां होती हैं। किसका आपरेशन किया गया, इसकी जानकारी महिला को नहीं होगी। बिल, बाउचर देने के बाद ही भुगतान होता है।
-अजय यादव, संचालक, अशोक अस्पताल
आयुष्मान योजना के तहत निजी अस्पताल में गड़बड़ी की आशंका पर मरीजों के नाम और मोबाइल नंबर की सूची मांगी गई थी। सूची मिल गई है। एसडीएम स्तर से इसकी जांच कराई जा रही है। रिपोर्ट आने के बाद दोषी मिलने वाले अस्पताल संचालकों पर कार्रवाई की जाएगी।
अखंड प्रताप सिंह, डीएम
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चटनी गढही स्थित अशोक अस्पताल की ओर से आंख का बिना आपरेशन किए भुगतान लेने का एक मामला पकड़ा गया है। इसकी रिपोर्टिंग सीईओ लखनऊ को कर दी गई है। कई ऐसे केस मिले हैं, जिसके स्थानीय स्तर पर सत्यापन का कार्य चल रहा है। पुष्टि होने के बाद संबंधित अस्पताल संचालकों के खिलाफ रिपोर्ट की जाएगी।
श्याम बिहारी उपाध्याय, जिला कोआर्डिनेटर, हेरिटेज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड कंपनी
18जेएनडी32-सहसचिव राधेश्याम शर्मा। स्वयं