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मिनजुमला नंबरों का विभाजन मौके पर

Sun, 26 Jun 2016 10:43 PM IST
ब्यूरो अमर उजाला/ देवरिया
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प्रेसवार्ता करते अपर महाधिवक्ता राज बहादुर सिंह यादव और डीएम अनिता श्रीवास्तव।
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 अपर महाधिवक्ता राज बहादुर सिंह यादव ने 11 फरवरी से लागू संशोधित राजस्व संहिता 2016 के बारे में जानकारी दी। वह रविवार को कलेक्ट्रट सभागार में डीएम अनिता श्रीवास्तव के साथ प्रेसवार्ता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि संशोधित राजस्व संहिता में खतौनी में प्रत्येक खातेदारों के हिस्से का उल्लेख करने के साथ ही मिनजुमला नंबरों का मौके पर विभाजन करने, आवंटित भूमि में पत्नी का बराबर हिस्सा, अविवाहित पुत्री को प्रथम श्रेणी का उत्तराधिकार का प्रावधान किया गया है। 
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अनुसूचित जाति के भूमिधर गैर अनुुुसूचित जाति के व्यक्तियों को कलेक्टर की अनुमति से सशर्त बेंच सकेंगे। शपथ पत्र के आधार पर सरसरी न्यायिक कार्रवाई का निस्तारण, ग्राम स्तरीय व्यथा समिति का गठन, आबादी क्षेत्र को सर्वे कराकर उसके अभिलेखीकरण किए जाने की व्यवस्था, आसामी को असंक्रमणीय भूमिधर का अधिकार, कृषि कार्य करने में अक्षम व्यक्ति अपनी भूमि को कृषि कार्य के लिए पट्टे पर दे सकेगा। भूमि की श्रेणी बदलने के लिए राज्य सरकार को शक्ति दी गई है। राजस्व वादों को निर्धारित समय सीमा में निस्तारण करना होगा। 50,000 रुपये तक के बकाएदारों की गिरफ्तारी अब  नहीं होगी। इससे लोगों को जल्द न्याय मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि 1901 से चले आ रहे जटिल कानूनों को खत्म कर ऐसी व्यवस्था बनाई गई है कि राजस्व के अविवादित प्रकरण गांव स्तर पर ही निस्तारित हो।

गांव में ग्राम राजस्व समिति के गठन का प्राविधान है। इस समिमि में प्रधान अध्यक्ष, द्वितीय स्थान पर रहने वाले प्रत्याशी प्रधान उपाध्यक्ष, तीन अन्य सदस्य होंगे। इस समिति की बैठक प्रत्येक माह में आयोजित होगी। इसमें कानूनगो, लेखपाल दोनों मौजूद रहेंगे, जो ग्राम स्तर पर अविवादित राजस्व प्रकरणों का निस्तारण करेंगे। उन्होंने कहा कि पूर्व में राजा टोडरमल की भूमि सुधार कार्य में केवल नक्शा नजरी बना था। अब इसमें संशोधन कर हर भूमि का यथास्थिति के हिसाब से पैमाइश होगी। जिससे कि कोई विवादित स्थिति न पैदा होने पाए। इस पैमाइश में मकान की लंबाई, चौड़ाई सहित सभी स्थिति का पूरा विवरण अंकित होगा। राजस्व वादों के त्वरित निस्तारण के लिए न्यायिक अधिकारी बनाए जाएंगे। लेखपाल से लेकर राजस्व परिषद तक का समय सीमा तय कर दिया गया है। काम न होने पर कारण बताना होगा। अन्यथा मिस कंडक्ट माना जाएगा।
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