दुकानदारों ने किया अतिक्रमण, बाजार की सड़कें बनी हुई हैं पार्किंग
शहर में नियमों को दरकिनार कर धड़ल्ले से बन रही हैं बिना पार्किंग की व्यवसायिक इमारतें
20 फीट चौड़ा मोहन रोड अतिक्रमण के चलते सात फीट का रह गया
देवरिया। शहर की पहचान जिन बाजारों से है, वहां जाना आसान नहीं है। अतिक्रमण की मकड़जाल में फंसी बाजार की सड़कें सिकुड़ गई है। रही सही कसर सड़कों पर ही पार्क किए गए वाहन पूरी कर देते हैं। इसकी वजह से 200 मीटर दूरी तय करने में ई-रिक्शा को 20 मिनट लग जाता है। इसके लिए दुकानदारों से थोड़ा भी दोषी प्रशासन भी नहीं है। अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन डंडा तो चलाता है,लेकिन समाधान के लिए सार्वजनिक पार्किंग का इंतजाम नहीं करता है।
शहर के मोहन रोड की चौड़ाई करीब 20 फीट हैं, लेकिन सड़क पर अतिक्रमण की वजह से दिन में इसकी चौड़ाई मात्र सात फीट बचती है। जाम की वजह से लोग इधर से पैदल भी जाने से परहेज करते हैं। छहमुखी चौराहा पर भरोदिया कटरा में सिर्फ दवा की दुकानें हैं। सभी दुकानदारों और खरीदारों के वाहन सड़क पर खड़े रहते हैं। व्यवसायिक भवन होने के बावजूद यहां पार्किंग की व्यवस्था नहीं है। नियमों की दरकिनार कर कराए गए निर्माण से पूरे दिन जाम लगा रहता है। यही हाल तमाम अन्य व्यावसायिक भवनों का भी है।
सुर्ति हट्टा रोड, बजाजी गली, अंसारी रोड, पंजाबी गली, नई बाजार के दुकानदारों ने नाली के बाहर अपने भवन की सीढ़ी बनवा ली है और दुकान का समाज सड़क तक सजा लेते हैं। शहर का प्रमुख बाजार होने के कारण यहां खरीदारों की भीड़ पूरे दिन रहती है। सामान खरीदने के बाद लोगों को मालवीय रोड या कोतवाली रोड तक पैदल आना पड़ता है या किराए के पल्लेदार की मदद लेनी पड़ती है।
इन बाजारों में अब भी कई नए भवनों का निर्माण चल रहा है, लेकिन पार्किंग नहीं बनाई जा रही है। अच्छी दुकानों के बीच अतिक्रमण की वजह से बदहाल बाजार में आने के लिए खरीदारों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि अतिक्रमण को लेकर नगर पालिका प्रशासन का रूख लापरवाही भरा है। जनहित से जुड़ी इस समस्या को लेकर आला अफसर भी बेपरवाह बने हैं।
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शहर में नहीं है एक भी सार्वजनिक पार्किंग
शहर के रुद्रपुर मोड़ से गोरखपुर ओवरब्रिज तक मुख्य सड़कों पर अतिक्रमण तो नहीं है, लेकिन बाजार की सड़कों पर दुकानदारों का डेरा है। इसकी वजह शहर में एक भी सार्वजनिक पार्किंग का नहीं होना बताया जा रहा है। लोगों का कहना है कि विकास के नाम पर करोड़ों खर्च करना वाला नगर पालिका प्रशासन सार्वजनिक पार्किंग के लिए कोई पहल नहीं कर रहा है। सार्वजनिक पार्किंग बने तो शहर की सड़कों पर बेतरतीब खड़े होने वाले वाहनों से निजात मिल सके।
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बिना पार्किंग की व्यवस्था के बन गईं व्यवसायिक इमारते
शहर की मुख्य सड़क पर खुले मॉल हो या शहर के अंदर के व्यावसायिक कॉप्लेक्स, बिना पार्किंग बनवाए बिल्डिंग खड़ी हो गई है। राघव नगर, रामलीला मैदान, मालवीय रोड, भटवलिया, रुद्रपुर रोड, सीसी रोड, हनुमान मंदिर, कोआपरेटिव चौराहों पर बनी अधिकांश व्यावसायिक बिल्डिंगों में पार्किंग नहीं है। इसकी वजह से लोगों को सड़कों पर वाहन खड़ा कर खरीदारी करना मजबूरी है।
कोट
व्यापारी नेता बोले-
व्यापार बंधु की बैठक बारा-बार उठाते हैं मुद्दा
व्यापार बंधु की बैठक में कई बार प्रशासन के सामने सार्वजनिक पार्किंग के निर्माण का मुद्दा उठ चुका है। लेकिन प्रशासन की ओर से सिर्फ आश्वासन मिलता है। - उपेंद्र नाथ त्रिपाठी, व्यापारी नेता
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अतिक्रमण करने वालों पर हो सख्ती
शहर की जो भी पुरानी बाजार की सड़कें हैं। उस पर नगर पालिका प्रशासन को सफेद पट्टी खींचवानी चाहिए, ताकि कोई दुकानदार सड़कों पर अतिक्रमण करे तो उसके खिलाफ कार्रवाई हो। इसके लिए सभासद से कई बार मांग की गई है। - सरदार मन्ना सिंह व्यापारी नेता
बोले लोग
परिवार के साथ बाजार में नहीं आते लोग
बाजार तो काफी पुरानी है, लेकिन अतिक्रमण और सड़कों पर जाम की वजह से परिवार के साथ कोई आना नहीं चाहता है। इससे दुकानदारी प्रभावित होती है। सामान खरीदने के बाद मुख्य सड़क तक पैदल जाना पड़ता है। - शाबीर, दुकानदार
अभियान चलाए सड़कें खाली कराए प्रशासन
बाजार में बनने वाली नई व्यावसायिक इमारतों में भी पार्किंग नहीं बन रही है। सड़कों पर दुकानदार और बाजार आए लोगों की बाइकें खड़ी रहती हैं। प्रशासन को अभियान चलाकर सड़क को अतिक्रमण मुक्त कराना चाहिए। -विनोद यादव, दुकानदार
छहमुखी चौराहा पर पुरानी दुकानें हैं, यहां पर बचपन से ही खरीदारी के लिए आना-जाना लगा रहता है। लेकिन इधर कुछ वर्षों से सड़क पर जाम के चलते आने की इच्छा नहीं होती है। स्थायी निजात के निए पहल होनी चाहिए।- शिवनरायण चौरसिया
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कोट
नगर पालिका प्रशासन की ओर से समय-समय पर प्रशासन के सहयोग से अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया जाता है। शहर के पुराने बस स्टैंड में सार्वजनिक पार्किंग निर्माण तत्कालीन डीएम के माध्यम से शासन को पत्र लिखा गया है। परिवहन विभाग की जमीन होने के कारण मामला शासन स्तर पर फंसा है। बिना पार्किंग की जो भी व्यवसायिक बिल्डिंगें बन रही हैं। उसका जिम्मेदार आरबीओ कार्यालय है।-रोहित सिंह, ईओ, नगर पालिका परिषद देवरिया
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शहर में अतिक्रमण के खिलाफ जल्द ही अभियान चलाया जाएगा। बिना पार्किंग के बने व्यवसायिक भवन संचालकों को नोटिस दी गई है। जिन दुकानों के सामने सड़कों पर वाहन खड़ा होगा। उन दुकानदारों पर कार्रवाई की जाएगी। सार्वजनिक पार्किंग के लिए प्रयास चल रहा है।-विपिन द्विवेदी एसडीएम सदर