मईल/लार रोड। सरयू नदी के बाढ़ का पानी देखने दोस्तों के साथ देवरहा बाबा आश्रम के पास पहुंचे 21 वर्षीय मनीष कुमार की शनिवार की दोपहर डूबने से मौत हो गई। पानी में नहाते समय उसके दो दोस्त गहरे पानी में चले गए तो मनीष उन्हें बचाने के लिए कूद पड़ा। दोनों दोस्तों को लोगों ने सुरक्षित निकाल लिया मगर मनीष गहरे गड्ढे में डूब गया। काफी तलाश के बाद उसे बाहर निकाला गया मगर तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
इटहुरा हजाम गांव निवासी मनीष अपने दोस्तों नकुल और टीपू के साथ बाइक से करीब 10 किमी दूर आश्रम के पास पहुंचा था। तीनों बाढ़ का पानी देखने के लिए सड़क की ओर जा रहे थे। इसी दौरान नकुल और टीपू पानी में उतर गए और अचानक डूबने लगे। उन्हें बचाने के प्रयास में मनीष भी गहरे पानी में चला गया।
तीनों को डूबता देखकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और गमछे की रस्सी बनाकर दोनों युवकों को निकाला। मनीष को भी पानी से निकालकर मईल पुलिस की मदद से पीएचसी भागलपुर पहुंचाया गया, जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। नकुल और टीपू को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया।
मनीष मजदूरी कर परिवार की आजीविका में सहयोग करता था। उसके तीन भाई और दो बहनें हैं। मौत की खबर मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। बहनों अनुशा और रिशा समेत परिजन का रो-रोकर बुरा हाल है।
सीओ बरहज रंजना सचान ने बताया कि युवक की मौत डूबने से हुई है। शव पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज देवरिया भेजा गया है।
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तीनों पानी के पास खड़े होकर खींच रहे थे फोटो
मईल। 21 वर्षीय मनीष कुमार ने शायद नहीं सोचा होगा कि कुछ पल की मौज-मस्ती उसकी जिंदगी का आखिरी सफर बन जाएगी। पानी में डूब रहे दोनों दोस्तों को बचाने के लिए मनीष ने अपनी जान की परवाह नहीं की। उसने दोनों को सुरक्षित निकाल लिया मगर खुद गहरे गड्ढे में समा गया। उसकी मौत की खबर गांव पहुंचते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तीनों पानी के पास खड़े होकर फोटो खींच रहे थे। इसी दौरान नकुल पानी में उतर गया। उसके पीछे टीपू भी चला गया। दोनों अचानक गहरे पानी में डूबने लगे तो मनीष उन्हें बचाने के लिए पानी में कूद पड़ा। मनीष ने किसी तरह दोनों दोस्तों को बाहर निकाल दिया। इसी दौरान वह खुद गहरे गड्ढे में चला गया। मनीष की मौत से परिवार के सामने आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है। बहनें अनुशा और रिशा भाई की मौत के सदमे में बदहवास हैं। गांव में भी मातम पसरा है। लोगों की जुबान पर मनीष की वही कोशिश है, जिसमें उसने दोस्तों को बचाने के लिए अपनी जान दांव पर लगा दी।