संवाद न्यूज एजेंसी
सलेमपुर। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी कार्यकर्ताओं ने बिजली निगम के निजीकरण के खिलाफ बृहस्पतिवार को लार सब स्टेशन पर धरना दिया। धरना के अंत में एसडीओ लार को ज्ञापन सौंपा।
माकपा राज्य कमेटी के सदस्य सतीश कुमार ने कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार की गलत नीतियों से एक-एक करके सभी सरकारी संपत्तियों को निजी हाथों में बेचा जा रहा है। आजाद भारत में डॉ. आंबेडकर ने कहा था कि बिजली एक सामाजिक जरूरत है। इसे नो प्राफिट नो लॉस के आधार पर देखा जाना चाहिए, लेकिन भाजपा की अटल सरकार ने इस कानून को बदल कर बिजली के मौलिक अधिकारों को निजी हाथों में सौंपने का कानून बना दिया। जनहित को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कार्य किया जाना चाहिए। बिजली के निजीकरण पर तत्काल रोक लगाया जाना चाहिए। 29 जनवरी को सलेमपुर विद्युत केंद्र पर धरना और पांच फरवरी को विभिन्न समस्याओं को लेकर जिला मुख्यालय देवरिया में धरना-प्रदर्शन की घोषणा की।
इस दौरान हरेकृष्णा कुशवाहा, संजय गोंड, बलिंदर मौर्य, सुशील यादव, राम छोटू चौहान मौजूद रहे।