- डीएम की पहल पर सीडीओ ने तैयार की कार्ययोजना
- क्षेत्र पंचायत के बजट से हो रहा स्वास्थ्य केंद्रों का जीर्णोद्धार
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। जर्जर भवन और सड़क-नाली की असुविधा झेल रहे ग्रामीण इलाकों के स्वास्थ्य केंद्र जल्द सुदृढ़ नजर आएंगे। ऑपरेशन कायाकल्प की तर्ज पर इनके सुंदरीकरण का काम शुरू हो गया है। सीएचसी और पीएचसी का जीर्णोद्धार होने से ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने लगेंगी।
जिले में तमाम ऐसे स्वास्थ्य केंद्र हैं जिनके भवन जर्जर हो चुके हैं। कुछ जगहों पर सड़क नाली का अभाव है तो कई स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों के बैठने तक की व्यवस्था नहीं है। इसके चलते सामान्य बीमारी के मरीजों को भी इलाज के लिए जिला अस्पताल भागना पड़ता है। ग्रामीणों को नजदीक में इलाज की सुविधा मिले, इसके लिए जिला प्रशासन ने सीएचसी और पीएचसी के कायाकल्प की योजना बनाई है। डीएम आशुतोष निरंजन की पहल पर सीडीओ शिवशरणप्पा जीएन ने प्रत्येक ब्लाक में एक सीएचसी और पीएचसी के कायाकल्प की कार्ययोजना तैयार की है। क्षेत्र पंचायत के बजट से भवनों की मरम्मत, टाइल्स, सोलर लाइट, रंगाई पुताई समेत संपर्क मार्ग का निर्माण कराया जा रहा है। चयनित 16 स्वास्थ्य केंद्रों में से दस पर काम शुरू हो गया है। शेष केंद्रों के जीर्णोद्धार का कार्य जल्द शुरू हो जाएगा। कार्यों की मॉनिटरिंग खुद सीडीओ कर रहे हैं।
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इनसेट
सभी सीएचसी पीएचसी पर स्थापित होगी हेल्प डेस्क
स्वास्थ्य केंद्रों के सुंदरीकरण कार्य पूर्ण होने के बाद हेल्प डेस्क स्थापित की जाएगी। यहां प्रतिदिन आने वाले मरीजों का विवरण व समस्या दर्ज होगी। फोन कर मरीजों से फीडबैक भी लिया जाएगा। जिले के सभी सीएचसी और पीएचसी के कायाकल्प की तैयारी चल रही है।
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कोट
ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य केंद्रों की बदहाली जल्द दूर होने वाली है। बदहाल स्वास्थ्य केंद्रों के कायाकल्प की शुरूआत हो गई है। डीएम की पहल पर प्रत्येक ब्लाक में एक सीएचसी और पीएचसी का जीर्णोद्धार क्षेत्र पंचायत की बजट से किया जा रहा है। इस कार्य में सांसद- विधायक और ग्राम पंचायत से भी मदद ली जा रही है। - शिवशरणप्पा जीएन, सीडीओ।