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Deoria News: देवरिया में मुख्य नहर टूटी, तीन गांवों की फसलें डूबीं

Sat, 07 Jan 2023 04:39 PM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया।

सार

देसही देवरिया क्षेत्र के मुंडेराचंद चौराहा पर (देवरिया - हेतिमपुर मुख्य मार्ग) नहर पर पुल निर्माण कार्य चल रहा है। विभाग की तरफ से कुछ माह पहले ही वहां नहर को मशीन लगाकर बांध दिया गया था। अब नहर में पानी आने पर भी नहर विभाग की तरफ से वहां नहर में न ही पाइप डाला गया न ही पानी आगे जाने के लिए खोला गया। शुक्रवार की रात पानी और ज्यादा आने की वजह से दबाव बढ़ने पर नहर टूट गई।
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देवरिया में फसल डूबी। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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देवरिया जिले के मुंडेराचंद चौराहा पर मुख्य नहर टूटने से तीन गांवों के किसानों की करीब 70 एकड़ फसल डूब गई है। शनिवार सुबह किसानों ने जुटकर नहर को बांधा। फसल बर्बाद होने से किसान परेशान हैं। वे इसे विभाग की लापरवाही बताकर आक्रोश जता रहे हैं। स्थानीय चौराहे पर नहर पर पुल बन रहा है। इसलिए नहर को बांध दिया गया था। इससे पानी आगे नहीं बढ़ पाया और रात को नहर टूट गई।

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देसही देवरिया क्षेत्र के मुंडेराचंद चौराहा पर (देवरिया - हेतिमपुर मुख्य मार्ग) नहर पर पुल निर्माण कार्य चल रहा है। विभाग की तरफ से कुछ माह पहले ही वहां नहर को मशीन लगाकर बांध दिया गया था। अब नहर में पानी आने पर भी नहर विभाग की तरफ से वहां नहर में न ही पाइप डाला गया न ही पानी आगे जाने के लिए खोला गया। शुक्रवार की रात पानी और ज्यादा आने की वजह से दबाव बढ़ने पर नहर टूट गई।

इससे मुंडेरा चंद, डुमरी एखलाश और भटनी बुजुर्ग सहित तीन ग्रामसभाओं के किसानों की 70 एकड़ के करीब फसलें पानी में डूब गईं। शनिवार की सुबह किसानों ने अपनी फसलों को डूबा देखा तो हैरान हो गए। कड़ाके की ठंड में उन्होंने खुद नहर को बांधा। लोगों की नाराजगी देखते हुए जिम्मेदारों ने वहां पाइप लगाकर नहर में पानी की सप्लाई आगे बढ़ाई।
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सुरेश चंद, नितेश चंद, विनय चंद, उमेश सिंह, परमहंस सिंह, जोगी गुप्ता, उमेश गुप्ता, राम धनी सिंह, कपिल, वशिष्ठ, काशी, नत्थू, जगदीश गुप्ता, छोटेलाल, दिग्विजय, मार्कण्डेय तिवारी, आलोक सिंह, लालजी सिंह सहित किसानों का आरोप है कि सिचांई विभाग ने समय रहते पानी आगे निकलने की व्यवस्था कर दी होती तो उनकी फसलें इस तरह बर्बाद नहीं होतीं। पहले नहर सूखी थी। ऐसे में किसानों ने निजी साधन से खेत की बुवाई और सिंचाई की थी। अब जब नहर में पानी आया तो उनकी गाढ़ी मेहनत से बोई गई फसल ही बर्बाद हो गई। इससे नाराज किसानों ने मुआवजे की मांग की है।
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एक्सईएन दुर्गेश गर्ग ने कहा कि मुख्य नहर टूटने की जानकारी नहीं है। वहां पुल बन रहा था। इतना पानी अचानक कैसे पहुंच गया, मामले को दिखवा रहे हैं।

 

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