सर्दी ने किया बेहाल, सांस और हृदय के मरीज बढ़े
मेडिकल कॉलेज में शुक्रवार को 85 सांस और हृदय रोग से पीड़ित 30 मरीज पहुंचे
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। ठंड से पूरा जनजीवन प्रभावित है। थोड़ी सी लापरवाही लोगों की सेहत पर भारी पड़ रही है। लगातार पड़ रही कड़ाके की ठंड में सांस और हृदय के मरीज बढ़ गए हैं। मेडिकल कॉलेज में इन बीमारियों से पीड़ित सौ से अधिक मरीज पहुंचे। डॉक्टरों का कहना है कि ऐसे मरीजों की जरा सी लापरवाही उनके लिए घातक साबित हो सकती है। शुक्रवार को मेडिकल कॉलेज में 85 सांस और 30 हृदय से संबंधित बीमारियों के मरीज पहुंचे।
ठंड से लोग घरों से नहीं निकल रहे हैं। थोड़ी सी चूक से लोगों का स्वास्थ्य बिगड़ रहा है। महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में कड़ाके की ठंड के कारण कम संख्या में मरीज पहुंचे, लेकिन मेडिसिन तथा चेस्ट व टीबी विभाग में मरीजों की भीड़ अन्य विभागों से अधिक रही।
मेडिसिन में डॉ. विजय गुप्ता, सीनियर रेजिडेंट डॉ. केके सिंह, जूनियर रेजिडेंट उद्भव मिश्रा ने करीब 150 मरीजों का इलाज किया। इनमें तकरीबन 40 सांस, हृदय रोग से पीड़ित 30 मरीज रहे। इनमें हार्ट के चार मरीजों की हालत गंभीर देखकर उन्हें गोरखपुर रेफर कर दिया गया। पैरालासिस, गठिया, सिर व कमर दर्द के अलावा अन्य मरीज रहे।
वहीं, चेस्ट व टीबी विभाग में 85 मरीज इलाज कराने पहुंचे। इसमें सांस के 45, एलर्जी के 30 तथा क्षय रोग के 10 मरीज रहे। असिस्टेंट प्रो. डॉ. अनुराग शुक्ला, सीनियर रेजिडेंट डॉ. संदीप व जूनियर रेजिडेंट शशांक कुमार ने मरीजों का इलाज किया।
सजग रहे और बीपी, शुगर के मरीज नियमित ले दवा
मेडिसिन विभाग के डॉ. विजय कुमार गुप्ता ने बताया कि ठंड में रक्तनलिकाएं सिकुड़ जाती हैं। रक्त का संचार कम होने से ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है। इससे हार्ट, लकवा आदि की आशंका बढ़ जाती है। अचानक चक्कर आने, सिर दर्द, शरीर के किसी अंग के काम करना बंद करने, अंधेरा छाने, घबराहट, पसीना आने पर लापरवाही न बरतें। तत्काल चिकित्सक से संपर्क कर दवा लें। बताया कि बीपी व शुगर के मरीज नियमित दवा लें और समय-समय पर जांच कराते रहें। ठंड से बचकर रहें। थोड़ी से लापरवाही से परेशानी हो सकती है।
ठंड में सतर्क रहने की जरूरत
चेस्ट एवं टीबी विभाग के असिस्टेंट प्रो. डॉ. अनुराग शुक्ला ने बताया कि ठंड के मौसम में एलर्जी, अस्थमा व सांस के मरीजों को सतर्क रहने की जरूरत है। नाक से सांस लेनी चाहिए। मुंह से लेने पर ठंडी हवा अंदर जाती है और नली सिकुड़ जाती है। एलर्जी से सर्दी, जुकाम, आंख में खुजली, पानी आना, सिर दर्द होता है। अस्थमा के मरीजों को सांस फूलने लगता है। इस मौसम में सावधानी आवश्यक है। सांस के मरीजों को नियमित दवा लेने के साथ बचाव पर ध्यान देना चाहिए।
ये बरतें सावधानी
बीपी, शुगर के मरीज समय पर दवा लें
समय-समय पर जांच कराएं
सिर व कान ढक कर रखें
पौष्टिक आहार से सेवन करें
बाजार की वस्तुएं व तले, भुने खाद्य पदार्थ का सेवन कम करें
सांस के मरीज मास्क पहनें, हाथ धोकर खाना खाएं
अचार, खटाई, चाय का सेवन न करें, फल खाएं
टोपी, मोजा और गर्म कपड़ा पहन कर रहें
ठंडी हवा, धूल और धुंए से बचने की कोशिश करें
सुबह हल्का व्यायाम व योग करें