सरयू व छोटी गंडक के दोआबा में दस हजार एकड़ भूमि को किया गया है चिह्नित
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। सौर ऊर्जा नीति के तहत बजट में सौर पावर योजना और सोलर पावर पार्क सहित निजी आन ग्रिड को बढ़ावा देने के लिए बजट का प्रावधान किया गया है। पर सरयू और छोटी गंडक के दोआबा में स्थित महाल मंझरिया में पावर प्लांट की योजना के लिए शासन स्तर पर मामला फिर लटक गया है। इसके लिए भी बजट का प्रावधान नहीं किया गया है, जबकि यह योजना करीब साढ़े तीन साल से अटकी हुई है।
महाल मंझरिया के दोआबा क्षेत्र में सौर ऊर्जा प्लांट बैठाने की योजना साढ़े तीन साल पहले बनी थी। इसको लेकर कई बार मुख्यमंत्री कार्यालय तक यहां के जनप्रतिनिधियों ने अपनी बात पहुंचाई। इसके लिए भूमि भी आवंटित है, लेकिन बजट में कोई प्रावधान नहीं किया गया है। इसके कारण यह परियोजना एक बार फिर ठंडे बस्ते में चली गई है।
फिलहाल, 1500 एकड़ भूमि को चिह्नित किया गया। दो सौ से अधिक किसानों से भूमि देने की सहमति भी बनी थी। इस परियोजना के लिए साढ़े चार हजार करोड़ खर्च होने हैं। एनएचपीसी की ओर से महाल मंझरिया में एक हजार से बारह सौ मेगावाट तक के सोलर पावर प्लांट की परियोजना को प्रस्तावित किया गया है। अगर यह प्लांट बैठ जाता तो देवरिया समेत आसपास के बलिया, मऊ, गाजीपुर, गोरखपुर, कुशीनगर और बिहार के गोपालगंज, सिवान जिलों में औद्योगिक प्रगति के भी द्वार खुल जाते। गौरीबाजार ब्लाॅक को मिलेगी नई गति
देवरिया। बजट में आकांक्षी विकास खंड योजना के तहत गौरीबाजार ब्लाॅक चयनित है। बजट में आकांक्षी ब्लाॅक के विकास के लिए जोर दिया गया है। इससे जिले के इस ब्लाॅक क्षेत्र में आने वाले गांवों का विकास होगा।