फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Deoria News: बेकाबू हो रहा लंपी वायरस, 25 से अधिक गांवों में पशु हुए बीमार

Wed, 30 Aug 2023 01:03 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
विज्ञापन
विज्ञापन
देवरिया। जिले में लंपी वायरस बेकाबू हो रहा है। पांच दिन में ही 25 से अधिक गांवों में दस्तक दे चुका है। एक-एक कर गोवंश बीमार पड़ते जा रहे हैं। संक्रमित पशुओं की तादाद पांच सौ से ऊपर पहुंच चुकी है। जबकि, पशुपालन विभाग 15 गांवों में 36 पशुओं के संक्रमित होने व एक गाय के मौत की बात स्वीकार कर रहा है। इधर, पशुपालक बीमार पशुओं के इलाज के लिए दर-दर भटक रहे हैं। सूचना देने के पांच दिन बाद भी विभागीय चिकित्सक नहीं पहुंच रहे हैं। सीवीओ ने पशुपालकों को दी सावधानी बरतने की सलाह दी है।
विज्ञापन

लंपी वायरस चार दिनों में 15 गांवों तक पांव पसार चुका है। एक के बाद एक पशुओं में लंपी के लक्षण सामने आ रहे हैं। इन गांवों के पशुपालक सहमे हुए हैं। चिकित्सकों की व्यस्तता के कारण पशुओं को समय पर इलाज नहीं मिल पा रहा है। देसही ब्लाॅक के धमउर गांव निवासी संजय मिश्रा ने बताया कि उनकी गाय छह दिन से बीमार है। पशु चिकित्सालय के चिकित्सक को फोन किया तो उन्होंने आने के बजाय दवा का नाम बता दिया। मेडिकल स्टोर से वही दवा लेकर गाय को खिला रहा हैं। हरैया बसंतपुर के ग्राम प्रधान धर्मेंद्र उपाध्याय ने बताया कि गाय के इलाज के लिए पशु चिकित्सालय के चिकित्सक को फोन किया। वह नहीं आए तो प्राइवेट चिकित्सक से इलाज करा रहा हूं। ऐसी ही स्थिति जिले के अन्य ब्लाॅकों में भी है। सरकारी पशु अस्पताल के चिकित्सक मौके पर नहीं पहुंच रहे है। ऐसे में झोलाछाप की चांदी हो गई है।
-

स्वास्थ्य कर्मियों की कमी से जूझ रहा पशुपालन विभाग
पशुपालन विभाग इन दिनों स्वास्थ्य कर्मियों की कमी से जूझ रहा है। जिले में 26 पशु चिकित्सालयों में महज 16 पशु चिकित्साधिकारी तैनात हैं। इनमें भी पांच डिप्टी सीवीओ हैं। इन्हें चिकित्सा के अलावा प्रशासनिक दायित्वों का भी निर्वहन करना होता है। वेटनरी फार्मासिस्ट के 26 पद सृजित हैं, उसमें 16 की तैनाती है। करीब 10 अस्पतालों में चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी नहीं हैं। संसाधनों का भी अभाव है।
विज्ञापन

-
इन गांवों में फैला है लंपी वायरस
गौरीबाजार ब्लाॅक के मठिया माफी, पथरहट, उसरी बुजूर्ग, करमाजीतपुर, पिपराइच, भटनी के पिपरा दीक्षित, भलुही, देसही देवरिया के महवा, धनौती रजडीहा, डुमरी एकबाल, सलेमपुर के मझौली, बरडीहा दलपत, सलेमपुर कस्बा, हरनही, लार के परशुराम बरडीहा, कुंडौली, इटहुआ, बनकटा के गाढ़ा, पंचरूखिया, बंगरूआ, बैतालपुर ब्लाक के पहाड़पुर, सुदामाचक आदि गांवों के पशुओं में लंपी वायरस के लक्षण मिल रहे हैं।
-
पशुपालक बोले:
मेरी गाय करीब एक हफ्ते से बीमार है। पशु चिकित्सक को बुलाया तो वह नहीं आए। प्राइवेट चिकित्सक से दिखाया तो पता चला कि लंपी से संक्रमित है। प्राइवेट इलाज करा रहा हूं। कोई सरकारी सुविधा मुहैया नहीं कराई जा रही है। -धर्मेंद्र उपाध्याय, ग्राम प्रधान धनौती।
-
मेरी गाय लंपी वायरस की चपेट में है। सरकारी चिकित्सक के नहीं मिलने से प्राइवेट डॉक्टर से इलाज करा रहा हूं। पशु चिकित्सालय से न कोई डाक्टर उपलब्ध हो रहे हैं न ही दवा मिल रही है। संजय मिश्रा, धमउर।
-
जरूरी उपायों को अपनाएं 10 दिन में ठीक हो जाएंगे पशु
उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. यूके सिंह ने बताया कि लंपी वायरस को लेकर पशुपालकों को घबराने की जरूरत नहीं है। जरूरी उपायों को अपनाने से पशु 10 दिन के अंदर ठीक हो जाएंगे। पशु का इलाज सरकारी चिकित्सक से ही कराएं। बीमारी से ग्रसित पशुओं को स्वस्थ पशु से अलग रखें। पशुओं को मक्खी, चिचड़ी, मच्छर आदि से बचाएं। संक्रमित जगह की फरमलीन, ईथर, क्लोरोफार्म, एल्कोहल से सफाई करें। संक्रमित पशुओं को खाने के लिए संतुलित आहार तथा हरा चारा दें।
-
वर्जन:
जहां से हमें सूचनाएं मिल रही हैं, उन्हें ही रजिस्टर में दर्ज किया जा रहा है। अबतक 15 गांवों की सूचना आई है। कुछ लोग मच्छर काटने से पशुओं के शरीर पर पड़े चकत्ते को भी लंपी स्किन डिजीज समझ रहे हैं। पशुपालकों को इस समय विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। -एके वैश्य, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें