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Deoria News: नहीं मिला प्रेमी का आंगन, अपनों ने भी किया किनारा

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परिवार से बगावत कर नादान उम्र में प्रेमी संग रहने की जिद पर अड़ीं कुछ किशोरियां बालिका शरणालय में पहुंच चुकी हैं
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संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। परिवार से बगावत कर नादान उम्र में प्रेमी संग रहने की जिद पर अड़ीं कुछ किशोरियां बालिका शरणालय में पहुंच चुकी हैं। रंगीन सपना दिखाने वाला प्रेमी दुष्कर्म और पाॅक्सो एक्ट के मामले में सलाखों के पीछे पहुंच गया। प्रेमी के परिजनों ने भी किशोरियों की सुधि नहीं ली। अब इन किशोरियों को अपनों की याद सता रही है। वह अपनों से गलती पर माफी मांग रही हैं। बाल कल्याण समिति के जरिए माता और पिता तक संदेश पहुंचा रही हैं कि पापा-मम्मी अब गलती हो गई, माफ कर दो, एक बार फिर अपना लो। इस पर बाल कल्याण समिति परिवार और रिश्तेदारों की काउंसिलिंग कर बेटियों को घर तक पहुंचाने की पहल कर रहा है।
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पापा, मम्मी माफ कर दो, अब तो बच्चे हो गए हैं
रुद्रपुर कोतवाली क्षेत्र के एक किशोरी प्रेमी के संग करीब चार साल पहले गुजरात चली गई थी। वहां पर उसके दो बच्च्चे भी हो गए। जबकि दूसरी तरफ किशोरी के घर के लोगों ने युवक पर केस दर्ज कर दिया। इस कारण पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। अब दो बच्चों की मां बन चुकी है। प्रेमी के घर वाले भी शादी से खफा हैं। इस कारण दो बच्चों की मां बनी किशोरी को शरणालय भेज दिया गया है। अब वह अपने माता-पिता से माफी की गुहार लगा रही है।
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गलती हो गई, अब जहां कहोगी वहीं शादी करुंगी
लार थाना क्षेत्र निवासी एक किशोरी प्रेमी के संग गैर प्रांत चली गई। जब पिता ने केस दर्ज कराया था। प्रेमी गिरफ्तार हो गया। निचली अदालत से जमानत भी खारिज हो गई। किशोरी शरणालय पहुंच गई। करीब तीन माह रहने के बाद उसे घर की याद सताने लगी। अब उसने माता-पिता के पास संदेश भिजवाया है कि फिर से गलती नहीं होगी। घर की मर्जी के अनुसार शादी करेगी।

प्रेमी जेल में, आठ किशोरियां शरणालय में काट रही हैं दिन और रात
जिले की आठ किशोरियां इस समय शरणालय में हैं। प्रेमी पर किशोरी के पिता ने मुकदमा दर्ज करा दिया है। सभी प्रेमी जेल में बंद हैं। अब इन्हे बालिग होने तक शरणालय में रहना होगा। इसमें से तीन ऐसी किशोरियां हैं, जो अपने घरवालों तक संदेश पहुंचा चुकी हैं कि उनसे गलती हो गई है, फिर से अपने घर जाने को तैयार हैं। पर किशोरियों के पिता और माता इन्हें घर ले जाने को तैयार नहीं है। इसके कारण इनकी दिन रात शरणालय में कट रही है।
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प्रेमी के दोस्त से जमानत कराने की लगा रही गुहार
प्रेमी संग घर छोड़कर जाने वाली दो किशोरियों ने अपने प्रेमी के गहरे दोस्त के पास संदेश भिजवाया है कि वह जमानत की व्यवस्था कर दें, घर के लोग सहयोग नहीं कर रहे हैं। जमानत होने के बाद जो खर्च आएगा, वह कमा कर भर देंगे। एक मामले में तो दोस्त ने जमानत की अर्जी लगाई, लेकिन खारिज हो गया।
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परिजनों बुलाकर की जाती है काउंसिलिंग
बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष डाॅ. सावित्री राय ने बताया कि किशोरियों के बयान दर्ज किए जाते हैं। इसके बाद उनकी इच्छा पूछी जाती है। परिवार के साथ रहना चाहती है या नहीं। अगर किशोरी की इच्छा परिवार के साथ रहने की होती है तो फिर घर के लोगों से पूछा जाता है। अधिकांश मामलों में ऐसा देखने को मिल रहा है कि गुस्सा होने के कारण परिजन घर नहीं ले जाते हैं। इस कारण उन्हें शरणालय भेज दिया जाता है। कई ऐसे मामले अभी आएं है, जिसमें शरणालय में अधिक दिन तक रहने पर उनका मन बदल जाता है। वह अधीक्षका के माध्यम से हम लोगों के पास गुहार लगाती हैं कि घर जाना है। इस पर परिजनों को बुलाकर काउंसिलिंग की जाती है। कुछ मामलों में परिजन तैयार हो जाते हैं, लेकिन कुछ में जिद पर अड़े रहते हैं। इस कारण उन्हें बालिग होने तक रखा जाता है।
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