खुखुंदू। जैन धर्म के नौवें तीर्थंकर भगवान पुष्पदंत नाथ की खुखुंदू (प्राचीन नाम काकंदी) में शुक्रवार को जयंती मनाई जाएगी। इस अवसर पर यहां जन्म कल्याणक महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। इसमें बड़ी संख्या में जैन धर्मावलंबी आएंगे। इसके लिए तैयारी पूरी कर ली गई है।
खुखुंदू में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में कई प्रांतों से जैन धर्मावलंबी पहुंचते हैं। इसके अलावा क्षेत्र के लोग भी जन्म कल्याणक महोत्सव में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं। अपनी बनावट और सुंदरता के चलते दूर से ही आकर्षित करने वाले इस मंदिर को भगवान पुष्पदंत नाथ की जयंती के अवसर पर विशेष रूप से सजाया गया है। इस महोत्सव में उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और मध्य प्रदेश के करीब 18 जिलों से जैन धर्मावलंबियों का आना होता है। बृहस्पतिवार को मंदिर परिसर में धर्मावलंबियों का आना शुरू हो गया था। मंदिर प्रबंधक बसंत लाल जैन ने बताया कि जन्म कल्याणक महोत्सव की पूरी तैयारियां हो चुकी हैं। पर्यटकों और यात्रियों के ठहरने का भी पूरा इंतजाम है।
पांच लाख वर्ष पुराना है काकंदी का इतिहास
खुखुंदू। खुखुंदू नगरी पहले काकंदी नगरी नाम से विख्यात थी। मंदिर में स्थापित कीर्ति स्तंभ और शिलापट्टों पर अंकित मान्यताओं के मुताबिक यहां इक्ष्वाकुवंशीय महाराज सुग्रीव का शासन हुआ करता था। उनकी महारानी जयरामा थी। महारानी के गर्भ से मगसिर शुक्ला प्रतिपदा एकम के मूल नक्षत्र में जैन धर्म के नौवें तीर्थंकर भगवान पुष्पदंत नाथ का जन्म हुआ था। इस अवसर पर देवी-देवताओं की उपस्थिति में उनका जन्म कल्याणक महोत्सव बड़े धूमधाम से मनाया गया। मंदिर में लगे अभिलेख में इसे पांच लाख वर्ष का स्थान बताया गया है। जैन मत के दिगंबर जैन तीर्थ भाग-1 में काकंदी नगरी के परिचय में अनेक ऐतिहासिक तथ्यों का उल्लेख भी मिलता है। 1871 में प्रकाशित कनिंघम के सर्वेक्षण रिपोर्ट में भी इस स्थान को विशद विवेचना मिलती है। यहां के घने जंगलों में ही भगवान पुष्पदंत नाथ ने वर्षों तपस्या की थी। महावीर स्वामी जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर है, जबकि नौवें तीर्थंकर पुष्पदंत नाथ हैं। भगवान पुष्पदंत नाथ का दूसरा नाम सुविधि नाथ भी है।
1008 कलश से होगा भगवान का अभिषेक
खुखुंदू। जन्म कल्याणक महोत्सव पर नौवें तीर्थंकर की नौ फुट ऊंची प्रतिमा का 1008 कलश से अभिषेक किया जाएगा। फिर 108 घी के दीपों से भगवान की भव्य आरती दिन और फिर संध्याकालीन में किया जाएगा। इस दौरान मध्यप्रदेश के जबलपुर, सागर, दमोह, छिन्दवाड़ा, भोपाल, राजस्थान के जयपुर, उदयपुर, भीलवाड़ा, बिहार के पटना, सिवान, दरौली, उत्तर प्रदेश के वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर, लखनऊ, अलीगढ़, एटा सहित अन्य जगहों से जैन धर्मावलंबियों का आगमन होगा।
आंखों की होगी निशुल्क जांच
खुखुंदू। जन्म कल्याणक महोत्सव के दौरान निःशुल्क नेत्र शिविर भी लगेगा। जिसमें पहुंचे मरीजों की आंखों की जांच कर दवा का वितरण किया जाएगा। मंदिर के प्रबंधक बसंत लाल जैन ने बताया कि कार्यक्रम में लखनऊ से डाक्टर वाई सिंह नेत्र रोग विशेषज्ञ एवं सर्जन आ रहे हैं। वह नेत्र रोगी मरीजों की आंखों का जांच कर उचित परामर्श देंगे और दवा भी वितरित किया जाएगा।