चार लुटेरे गिरफ्तार, लूट का सामान बरामद
रामपुर कारखाना के चिउरहा खास स्थित ग्राहक सेवा केंद्र से हुई थी लूट
रामपुर कारखाना, गौरीबाजार, स्वॉट और सर्विलांस टीम के हाथ लगी सफलता
एटा जिले के जैथरा थानाक्षेत्र के रहने वाले हैं सभी लुटेरे
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। रामपुर कारखाना के चिउरहा खास स्थित ग्राहक सेवा केंद्र से हुई लूट की घटना का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया। एटा जिले के जैथरा इलाके के रहने वाले चार लुटेरों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। चोरी गया लैपटॉप, एक लाख से अधिक रुपये और अन्य सामान की बरामदगी हुई है।
पुलिस लाइंस के मनोरंजन कक्ष में एसपी डॉ. श्रीपति मिश्र ने बताया कि रामपुर कारखाना के महुआडीह मठिया गांव निवासी धनेश गुप्त का चिउरहा खास गांव में ग्राहक सेवा केंद्र है। 27 मई को वह बैंक से रुपये निकालकर आ रहे थे कि बाइक सवार बदमाशों ने बैग में रखे 4.53 लाख रुपये और लैपटॉप लूटकर भाग गए। एएसपी शिष्यपाल के पर्यवेक्षण में रामपुर कारखाना के इंस्पेक्टर अनिल सिंह महुआडीह चौराहे की तरफ भ्रमण में थे। उसी दौरान स्वॉट और सर्विलांस टीम के लोग भी पहुंच गए। तभी मुखबिर ने सूचना दी कि रामपुर गौनरिया चौराहे से चैनपुर की तरफ जाने वाले तिराहे पर चार लोग लूट की योजना बना रहे हैं। पुलिस टीम ने गौरीबाजार एसओ विनय सिंह को भी सूचना दी। पुलिस टीम घेराबंदी कर चारो लुटेरों को पकड़ लिया। पूछताछ में लुटेरों ने अपना नाम टिंकू, चरन सिंह, पिंटू और विजेंद्र निवासीगण नगला बंजारा थाना जैथला, जिला एटा बताया। उनकी निशानदेही पर पुलिस टीम ने लूट के 1.02 लाख रुपये, लैपटॉप, तमंचा, कारतूस और अन्य सामान बरामद किया। एसपी डॉ. श्रीपति मिश्र ने पुलिस के लिए चुनौती बने लुटेरों को गिरफ्तार करने वाली टीम को 10 हजार रुपये का इनाम दिया।
चूड़ी बेचने के बहाने करते थे लूट
देवरिया। लूट के आरोप में पकड़े गए चारों फेरी लगाकर चूड़ी बेचते हैं। यह तो मात्र बहाना है, उनका निशाना बैंक के आसपास ही रहता था। मौका मिलते ही वे बड़ी लूट की घटनाओं को अंजाम देते थे। एटा जिले के जैथरा थानाक्षेत्र के नगला बंजारा गांव के तीन सगे भाई टिंकू, चरन सिंह, पिंटू और इसी गांव का विजेंद्र हाटा (कुशीनगर) में किराए का कमरा लेकर रहते थे। चूड़ी बेंचने के लिए वह आसपास के इलाकों में जाते रहते थे। उनके निशाने पर बैंक से रुपये निकालकर जाने वाले लोग ही रहते थे। रामपुर कारखाना के ग्राहक सेवा केंद्र के संचालक धनेश गुप्त ने लुटेरों की काले रंग की पल्सर बाइक पर ईगल बना हुआ देखा था। तीनों का एक अन्य भाई उसी बाइक से एटा चला गया। पुलिस टीम लुटेरों की तलाश में एटा पहुंची तो पता चला कि वह एटा में लूट की घटना में गिरफ्तार हो गया है। उनके घरवाले जानते थे कि चूड़ी का धंधा अच्छा चल रहा है। इसलिए आमदनी ठीक हो रही है। चारों ने पुलिस टीम को बताया कि जहां किराए का कमरा लिया जाता है, वहां कुछ दिन रहते हैं। लूट की एक-दो घटनाओं को अंजाम देने के बाद जगह बदल देते थे। फिर नई जगह पर लूटपाट करते थे।