तरकुलवा बाजार में खरीदारी करते लोग। स्रोत-संवाद
तरकुलवा। लोहड़ी-मकर संक्रांति पर्व पर मंगलवार को तरकुलवा कस्बे में खासा उत्साह देखने को मिला। लोगों ने चावल का भूजा, देशी गुड़, तिल, मूंगफली, मूर्ति और सजावटी सामान की खरीदारी की।
मकर संक्रांति 15 जनवरी को मनाई जाएगी। इसके पूर्व तरकुलवा बाजार में भारी भीड़ उमड़ी रही। त्योहार का रंग लोगों के सिर पर चढ़ कर बोल रहा था। वर्षों से चली आ रही परंपरा के तहत लोगों ने मकर संक्रांति के पूर्व लाई, चूड़ा, चना, रेवड़ी, तिल व बादाम पट्टी की खरीदारी की। भूजा-गुड़ व लाई के थोक व्यवसायी मुन्ना मद्धेशिया ने बताया कि भूजा, चिउड़ा और गुड़ की मांग पूरे वर्ष रहती है लेकिन मकरसंक्रांति के दौरान बिक्री में कई गुना वृद्धि हो जाती है।
उन्होंने बताया कि चावल का भूजा 60 रुपये, गुड़ 55 रुपये, भूजा हुआ चिउड़ा 60 रुपये, चना दाल 100 रुपये प्रति किलो की दर से बिक रहा है। तरकुलवा निवासी सतीश जायसवाल ने बताया कि वर्षों से चली आ रही परंपरा के तहत लोग अपनी बहन, बुआ और अन्य रिश्तेदारों के यहां लाई-चूड़ा, नया चावल व मिठाइयां भेजते हैं, जिसके चलते बाजारों में रौनक अपने चरम पर पहुंच गई है। संवाद