देवरिया। हत्या के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश छाया नैन की अदालत ने शुक्रवार को सुनवाई करते हुए पिता पुत्र को दोषी पाया। अदालत ने दोषी पिता पुत्र को आजीवन कारावास तथा प्रत्येक को 32,500 रुपए जुर्माने से दंडित करने का फैसला सुनाया।
मईल थाना क्षेत्र के बगही निवासी राधेश्याम यादव को हत्या के मामले में अदालत ने फैसला सुनाया। पिता पुत्र को हत्या, प्राण घातक हमला, मारपीट, अपमानित करने तथा धमकी देने के मामले में दोषी पाए जाने पर दोनों आरोपियों को आजीवन कारावास व प्रत्येक को 32,500 रुपए जुर्माने से दंडित किया। अपार शासकीय अधिवक्ता मनीष सिंह ने बताया कि 22 मार्च 2011 को रामबली यादव झाड़ू लगा रहे थे। राधेश्याम ने मना किया तो आरोपी ने अपने पुत्र वीरेंद्र को बुला लिया। वीरेंद्र ने लोहे की पाईप से मार दिया , जिसे बचाने राधेश्याम की पत्नी कमला देवी गई तो उन्हें भी प्राणघातक चोटें पहुंचाई गई। राधेश्याम को ईलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। राधेश्याम की पौत्री रंजना देवी की तहरीर पर हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ । उभय पक्ष के तर्कों और साक्ष्यों के अवलोकन के पश्चात अदालत ने पिता, पुत्र को हत्या, प्राण घातक हमला में दोषी पाए जाने पर कठोर दंड से दंडित करते हुए सजा भुगताने के लिए जेल भेज दिया।