वर्ष 2013 में किशोरी को बहला-फुसलाकर किया था दुष्कर्म
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। सामूहिक दुष्कर्म के मामले की सुनवाई के बाद अपर सत्र न्यायाधीश (पाक्सो) राकेश पटेल की अदालत ने तीन दोषियों को सोमवार को दंडित करने का फैसला सुनाया। दोषियों को नाबालिग का अपहरण कर उसे जबरन शादी करने के लिए मारपीट करने तथा सामूहिक दुष्कर्म का दोषी पाए जाने पर आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
विशेष लोक अभियोजक सच्चिदानंद राय ने बताया कि दो दिसंबर 2013 को रामपुर कारखाना थाना क्षेत्र के भगवानपुर चौबे निवासी प्रभाकर चौबे पुत्र बृज बिहारी चौबे, डेजी उर्फ सौरभ पुत्र बृजेश 14 वर्षीय किशोरी को उसके पापा से मिलवाने के बहाने बहला-फुसलाकर भगा ले गए। वह अपने साले बुग्गी उर्फ अविनाश पुत्र बुन्ना निवासी बंदी छापर थाना पडरौना, जिला कुशीनगर के यहां ले जाकर उसके साथ जबरन दुष्कर्म करते रहे। मामले की तहरीर पीड़िता के पिता ने थाना रामपुर कारखाना में चार दिसंबर 2013 को देकर मुकदमा दर्ज कराया था। उभय पक्ष के तर्कों व साक्ष्यों को देखने के बाद अदालत ने पाया कि तीनों ने रिश्ते को शर्मसार करते हुए किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया था। ऐसे में दोषियों के प्रति सहानुभूति बरतने का कोई आधार नहीं है। अदालत ने पीड़िता के अधिवक्ता अरविंद कुमार पांडेय के तर्कों से सहमत होते हुए किशोरी को अपहरण कर उसके साथ जबरन शादी करने के लिए मारपीट करने तथा सामूहिक दुष्कर्म में दोषी पाया। तीनों को आजीवन कारावास तथा प्रभाकर चौबे व डेजी उर्फ सौरभ चौबे को 50 हजार 500 रुपये के तथा बुग्गी उर्फ अविनाश चौबे को 25 हजार 500 रुपये के अर्थदंड से दंडित करने का फैसला सुनाया।