लेखपालों ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट परिसर में सात दिवसीय धरना-प्रदर्शन
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देवरिया। पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने समेत अन्य मांगों को लेकर लेखपालों ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट परिसर में सात दिवसीय धरना-प्रदर्शन शुरू हो गया। मुख्यमंत्री को संबोधित मांगपत्र डीएम को दिया। लेखपालों ने चेतावनी दी कि यदि मांगों को पूरा कर 30 तक शासनादेश जारी नहीं हुआ तो लेखपाल संघ आगे की रणनीति तय करेगा।
उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के आह्वान पर लेखपाल कार्य बहिष्कार कर कलेक्ट्रेट पहुंचकर धरने पर बैठ गए। वरिष्ठ उपाध्यक्ष अनिरुद्ध मिश्र ने कहा कि लेखपाल संवर्ग की एसीपी विसंगति को दूर करने में शासन रुचि नहीं ले रहा है। जबकि इसको लेकर लंबे समय से आंदोलन किया जा रहा है। लेखपाल संवर्ग का पदनाम राजस्व उपनिरीक्षक रखते हुए शैक्षिक योग्यता स्नातक और प्रारंभिक वेतनमान 5200-20200 और ग्रेड पे 2800 होना चाहिए।
स्थानांतरण नीति में संशोधन करते हुए लेखपाल संवर्ग का काडर पहले की तरह जिलास्तरीय सरकार करे। लेखपालों ने मांग किया कि पांच लेखपालों पर एक राजस्व निरीक्षक (क्षेत्र) और राजस्व निरीक्षक (कार्यालय) के 626 पदों का सृजन किया जाए। राजस्व निरीक्षक प्रोन्नति और नायब तहसीलदार प्रोन्नति के लिए राजस्व परिषद के प्रस्ताव के अनुसार नियमावली में संशोधन किया जाए।
ई-डिस्ट्रिक्ट, आईजीआरएस आदि के लिए लैपटॉप की मांग की। साथ ही एक अप्रैल 2005 से पूर्व के चयनित लेखपालों को पुरानी पेंशन व्यवस्था का लाभ देने की मांग की गई। इस मौके पर जिलामंत्री संतोष कुमार, रामानंद पाल, राजन सिंह, राजनाथ राय, अवधेश दुबे, हरिश्चंद्र पांडेय, चंद्रभूषण पांडेय, राजकुमार मिश्र, रामलाल सिंह, रवि कुमार, आदि मौजूद रहे।