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Deoria News: लेखपालों ने छोड़ा अतिरिक्त गांवों का काम... प्रमाण पत्र के आवेदन लंबित

Sat, 26 Sep 2026 12:16 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
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देवरिया। प्रमोशन और वेतनमान समेत विभिन्न मांगों को लेकर लेखपालों के बस्ता वापस करने से राजस्व से संबंधित कार्य प्रभावित होने लगे हैं। सबसे अधिक असर आय-जाति व निवास प्रमाण पत्रों की रिपोर्ट को लेकर है। हालांकि प्रशासन का दावा है कि कहीं कोई काम बाधित नहीं है।
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वहीं लेखपाल संघ का कहना है कि उन लोगों ने करीब 154 हल्कों का अतिरिक्त कार्य छोड़ा है। इन गांवां में आपदा को छोड़कर अन्य काेई कार्य नहीं कर रहे हैं। देवरिया सदर तहसील में 44 हल्कों का कार्य लेखपालों ने वापस कर दिया है।
रुद्रपुर तहसील में 22 सितंबर से लेखपाल अतिरिक्त हल्कों का संपूर्ण कार्य छोड़कर आंदोलन कर रहे हैं। इसके चलते तहसील क्षेत्र में आय, निवास और जाति प्रमाणपत्रों के साथ ही वरासत सहित अन्य कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
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रुद्रपुर तहसील में वर्तमान में कुल 57 लेखपाल कार्यरत हैं, जबकि लेखपालों के कुल 89 क्षेत्र हैं। ऐसे में 32 क्षेत्र अतिरिक्त प्रभार में चल रहे हैं। लेखपालों के अतिरिक्त क्षेत्रों का कार्य छोड़ने से इन क्षेत्रों में ऑनलाइन रिपोर्टिंग का काम भी प्रभावित हुआ है।
तहसीलदार अरुण कुमार ने बताया कि लेखपालों से बातचीत चल रही है। जनता के काम प्रभावित न हों, इसके लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
भाटपार रानी तहसील में भी लेखपालों ने मूल तैनाती को छोड़कर अन्य अतिरिक्त हल्का का बस्ता जमा कर दिया है। इससे कुल 27 हल्का लेखपाल विहीन हो गया है। तहसील क्षेत्र में कुल 77 हल्का हैं। यहां कुल 50 लेखपालों की तैनाती है। वर्तमान में 27 हल्का खाली हो चला है।
इससे इन गांवों के किसानों, छात्रों और बेरोजगारों को राजस्व संबंधी कार्यों का निस्तारण नहीं हो पा रहा है। लेखपालों ने बताया है कि खाली हल्कों के जो भी ऑनलाइन फॉर्म जैसे आय, जाति, निवास या अन्य कोई रिपोर्ट लगाने के लिए जो भी आवेदन आ रहे हैं उसे वे अपने पोर्टल से वापस कर दे रहे हैं, क्योंकि वहां का बस्ता जमा हो जाने से उनके पास कोई अभिलेख नहीं है।
शुक्रवार को कई गांवों से आए फरियादी सुभाष यादव, राधाकांत कुशवाहा, दीनदयाल तिवारी, महेश यादव, विजय बहादुर चौरसिया आदि ने बताया कि ऑनलाइन आवेदनों की रिपोर्ट नहीं लगने से उन्हें काफी परेशानी हो रही है।
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वह बार-बार तहसील का चक्कर लगा रहे हैं। तहसील प्रशासन कुछ करने में असमर्थता जता रहा है।
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