सलेमपुर। खतौनी में अंश सुधार एवं नाम संशोधन के मामले में लापरवाही और अनधिकृत धन की मांग के आरोप में एक लेखपाल को निलंबित कर दिया गया है।
यह कार्रवाई एसडीएम ने डीएम के आदेश पर की है। लेखपाल पर कार्रवाई के चलते विभाग में हड़कंप मच गया। आरोपी लेखपाल पर पूर्व में भी इस तरह के कई आरोप लग चुके हैं।
30 जनवरी को चांदपलिया गांव के प्रधान प्रतिनिधि अंगद यादव ने डीएम के जनता दर्शन में एक शिकायती पत्र देकर हल्का लेखपाल पर खतौनी में अंश सुधारने के नाम पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाया था। पत्र में बताया था कि आवेदन देने के बावजूद खतौनी में अंश सुधार व नाम संशोधन की कार्रवाई लंबित है। लेखपाल द्वारा कार्रवाई के लिए अनधिकृत धन की मांग की जा रही है। मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम दिव्या मित्तल ने प्रकरण की प्रारंभिक जांच एसडीएम दिशा श्रीवास्तव से कराई। इसमें लेखपाल की संलिप्तता देखने को मिली।
जांच में धन उगाही का तथ्य भी सामने आया। जिसके बाद बुधवार को एसडीएम ने क्षेत्रीय लेखपाल राजीव यादव को प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए निलंबित कर दिया। मामले की विस्तृत जांच के लिए नायब तहसीलदार भटनी हरि प्रसाद को जांच अधिकारी नामित कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।