मोनू तिवारी को रेलवे ट्रैक से पकड़ कर ले जाती पुलिस
भटनी के नोनापार गांव के मोनू तिवारी गांव की समस्याओं को लेकर ब्लॉक मुख्यालय पर धरना दे रहे थे। एडीओ पंचायत के साफ सफाई का काम दूसरे दिन कराने के आश्वासन पर वह भड़क गए और धरने से उठकर सीधे रेलवे ट्रैक पर पहुंचकर लेट गए। इससे कर्मचारियों में खलबली मच गई। हरकत में आई पुलिस ने मोनू को रेलवे ट्रैक से हिरासत में ले लिया। एसडीएम से वार्ता कराने के लिए नायब तहसीलदार अपने वाहन से लेकर उन्हें सलेमपुर पहुंचे।
नोनापार गांव निवासी मोनू तिवारी गांव में फैली गंदगी और क्षतिग्रस्त नालियों, राशन कार्ड बनाने में की जा रही धांधली को लेकर ब्लॉक गेट पर बुधवार को सुबह नौ बजे धरने पर बैठे। दिन में करीब दो बजे नायब तहसीलदार डॉ. संजीव कुमार राय पहुंचे और धरना समाप्त कराने के लिए मोनू से वार्ता करने लगे। नायब तहसीलदार ने आश्वासन दिया। लेकिन एडीओ पंचायत रामनगीना ने सफाईकर्मी नहीं होने की बात कहकर दूसरे दिन सफाई कराने को कहा। इसको लेकर मोनू और एडीओ पंचायत के बीच कहासुनी भी हुई। इससे नाराज मोनू रेलवे लाइन पर जाकर लेट गए। यह देख नायब तहसीलदार समेत ब्लॉक कर्मचारियों का हाथ पांव फूलने लगे। आनन-फानन में पहुंची पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर थाने चली गई।
उनका कहना है कि गांव में सफाई और क्षतिग्रस्त नाली को ठीक कराने के लिए तीन माह से अफसरों से शिकायत कर रहे हैं। लेकिन कोई इसे गंभीरता से नहीं ले रहा है। थक हार कर वह गुरुवार को धरने पर बैठे थे। इसके पूर्व भी वह कई बार आक्रामक आंदोलन करने और आत्महत्या के प्रयास में जेल जा चुके हैं। इस बाबत प्रभारी एसओ बीबी सिंह ने बताया कि मोनू रेलवे ट्रैक पर एडीओ पंचायत से नाराज होकर जान देने गया था। समझा बुझाकर उसे लाया गया। एसडीएम से बात करने की जिद कर रहा था। नायब तहसीलदार उसको अपने साथ सलेमपुर लेकर चले गए। इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई है।