देवरिया। जिला कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने डीएम, एसडीएम सदर और अतिरिक्त एसडीएम की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए तीनों न्यायालयों के बहिष्कार का निर्णय लिया है। अधिवक्ताओं ने कहा कि समस्याओं का समाधान होने तक इन न्यायालयों में न्यायिक कार्य नहीं किया जाएगा।
बुधवार को अध्यक्ष ज्ञानेश्वर मिश्र की अध्यक्षता में हुई आमसभा की बैठक में सात बिंदुओं पर चर्चा के बाद सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया।
अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि डीएम करीब पांच माह से हाईकोर्ट में पत्रावली और आदेश लेकर जा रहे हैं। पक्षकारों को सुने बिना आदेश होने से वादकारियों को उचित न्याय नहीं मिल पा रहा है।
पेशकार पर अमर्यादित व्यवहार का आरोप लगाते हुए उसका दूसरी तहसील में स्थानांतरण करने की मांग की गई। अधिवक्ताओं के अनुसार पेशकार करीब 10 वर्षों से कलक्ट्रेट में तैनात हैं।
बैठक में शौचालय निर्माण के लिए एनओसी नहीं मिलने का मुद्दा भी उठा। अधिवक्ताओं ने बताया कि विधायक शलभ मणि त्रिपाठी ने पुरुष शौचालय के लिए धन उपलब्ध कराया है, लेकिन निर्माण शुरू नहीं हो पा रहा है। महिला अधिवक्ताओं और वादकारियों के लिए अलग शौचालय की व्यवस्था नहीं होने पर भी नाराजगी जताई गई।
एसडीएम सदर और अतिरिक्त एसडीएम पर बिना पर्याप्त साक्ष्य के आदेश करने तथा एक ही प्रार्थनापत्र पर दोबारा सुनवाई करने का आरोप लगाया गया।
जर्जर पोस्ट ऑफिस भवन को भी अधिवक्ताओं ने हादसे का खतरा बताते हुए सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित कराने की मांग की। प्रस्ताव में कहा गया कि मांगें पूरी होने तक बहिष्कार जारी रहेगा।