तहसील में हो रहे सुंदरीकरण के कार्यों की गुणवत्ता पर वकीलों ने सवाल उठाया है। उन्होंने मरम्मत मानक के विपरीत कराने का आरोप लगाया। अधिवक्ताओं ने मुख्यमंत्री को संबोधित पत्रक उपजिलाधिकारी को सौंपा।
बार संघ के पूर्व अध्यक्ष ब्रज बिहारी पांडेय ने बताया कि चालीस लाख रुपये की लागत से तहसील का सुंदरीकरण कार्य कराने को शासन ने धन अवमुक्त किया है। ठेकेदार एक माह से तहसील का मरम्मत और रंगाई का कार्य करा रहे है। रंगाई के कार्य में जमकर धांधली की जा रही है। तहसील में बिजली के सामान, पुट्टी घटिया तरीके का लगाया जा रहा है। गंदी दीवारे अब तक साफ नहीं हुई। गुणवत्ता को लेकर ठेकेदार से शिकायत की गई, जिस पर वह बहाने बना रहा है। तहसील में हर रोज क्षेत्र और वकीलों का आना जाना लगा रहता है। तहसील के मरम्मत में गुणवत्ता विहीन कार्य बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शासन से भेजे रुपये का बंदरबांट किया जा रहा है। उन्होंने उपजिलाधिकारी से गुणवत्ता की जांच कर कार्रवाई की मांग की। पत्रक देने वालों में राजेश त्रिपाठी, अशफाक अहमद, बालेंदु पांडेय, सत्यप्रकाश सिंह, विकास तिवारी, आनंद सिंह, बालेंदु पांडेय, शिवकुमार सिंह, अनिल पांडेय, विनोद आदि मौजूद रहे।